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Pakistan PM audio leak controversy: नेताओं के साजिशों की कहानी भर रह गई है पाकिस्तान में सियासत!

Sat, 01 Oct 2022 04:26 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 01 Oct 2022 04:26 PM IST
सार

Pakistan PM audio leak controversy: शहबाज शरीफ सरकार ने इमरान खान पर सियासी फायदे के लिए राष्ट्रीय हितों की बलि चढ़ाने का आरोप लगाया है। सरकार ने कहा है कि खान ने अमेरिका से आए कूटनीतिक संदेश का गलत मतलब पेश किया...

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Shahbaz Sharif government accused Imran Khan of sacrificing national interests for political gains
Pakistan: शाहबाज शरीफ - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पाकिस्तान की सियासत में साजिश के पहलू लगातार जुड़ते जा रहे हैं। पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से प्रधानमंत्री सहित वरिष्ठ मंत्रियों की बातचीत के ऑडियो लीक हुए। इसके आधार पर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को शहबाज शरीफ सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप मढ़ने का मौका मिला। फिर ऐसे ऑडियो वायरल हुए, जिसमें दर्ज बातचीत के आधार पर सत्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहते हुए अपनी सरकार गिराने के पीछे विदेशी हाथ होने की कहानी गढ़ने का षड्यंत्र रचा। अब बताया गया है कि पीएमओ से अमेरिका स्थित पाकिस्तानी दूतावास से आया वह संदेश गायब हो गया है, जिसके आधार पर इमरान खान अमेरिकी दखल का आरोप लगाते रहे हैं।

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अब शहबाज शरीफ सरकार ने इमरान खान पर सियासी फायदे के लिए राष्ट्रीय हितों की बलि चढ़ाने का आरोप लगाया है। सरकार ने कहा है कि खान ने अमेरिका से आए कूटनीतिक संदेश का गलत मतलब पेश किया। साथ ही इसकी सार्वजनिक चर्चा कर उन्होंने सरकारी गोपनीयता कानून के तहत ली गई शपथ का उल्लंघन किया। प्रधानमंत्री शरीफ ने इस मामले में शुक्रवार शाम एक आपात बैठक बुलाई। इसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री निवास से कूटनीतिक संदेश गायब है, जबकि वह प्रधानमंत्री निवास की ही संपत्ति था।

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इसे एक गंभीर मामला बताते हुए सरकार ने एक विशेष समिति बनाई है, जिसे यह तय करने की जिम्मेदारी दी गई है कि कूटनीतिक दस्तावेज गायब करने में कथित रूप से शामिल रहे तमाम लोगों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाए। इन लोगों में इमरान खान, प्रधानमंत्री के पूर्व प्रमुख सचिव आजम खान और पूर्व पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं। इसके पहले शरीफ सरकार ने पीएमओ से ऑडियो क्लिप्स लीक होने के मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया। बीते बुधवार को इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक हुई, जिसने जांच समिति के गठन को अपनी मंजूरी दी। एनएससी पाकिस्तान में सुरक्षा मामलों की सर्वोच्च समिति है।

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शुक्रवार को जारी हुए एक ऑडियो क्लिप में पीटीआई नेताओं को अमेरिकी कूटनीतिक संदेश के बारे में चर्चा करते हुए सुना गया। इमरान खान और आजम खान इस क्लिप में इस पर चर्चा करते सुने गए कि इस कूटनीतिक संदेश का पूरा राजनीतिक लाभ कैसे उठाया जा सकता है। इसके पहले बुधवार को एक ऑडियो क्लिप लीक हुआ था, जिसमें इमरान खान आजम खान को कूटनीतिक संदेश को प्रचारित करने का आदेश देते सुने गए।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि इमरान खान ने ऐसा व्यवहार कर देश के हितों को चोट पहुंचाई। लेकिन पीटीआई ने कहा है कि उसके नेताओं ने कभी सार्वजनिक तौर पर यह नहीं कहा कि संबंधित कूटनीतिक संदेश किस देश से आया। उन्होंने सिर्फ विदेशी हस्तक्षेप की बात कही थी। विश्लेषकों के मुताबिक ऑडियो लीक कांड से दोनों पक्षों की साख को क्षति पहुंची है। इससे यह भी जाहिर हुआ है कि पाकिस्तान के राजनेता अपने फायदे के लिए किस हद तक चले जाते हैं। इससे आम जन में यह संदेश गया है कि देश की पूरी सियासत साजिशों की कहानी बन कर रह गई है।

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