{"_id":"5f2b180d06731b43344c855e","slug":"seven-died-and-60-infected-by-new-virus-in-china","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tick Borne Virus: चीन में अब नए वायरस का कहर, सात की मौत, 60 संक्रमित","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Tick Borne Virus: चीन में अब नए वायरस का कहर, सात की मौत, 60 संक्रमित
Thu, 06 Aug 2020 10:54 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 06 Aug 2020 10:54 AM IST
विज्ञापन
टिक-जनित वायरस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन के वुहान शहर से निकले कोरोना वायरस से दुनिया की जंग अभी जारी ही है कि वहां एक और नए वायरस ने तेजी से अपने पैर पसार लिए हैं। इस नई संक्रामक बीमारी के कारण 7 लोगों की जान चली गई है, जबकि 60 अन्य लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं।
विज्ञापन
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, टिक-जनित वायरस से होने वाली इस नई संक्रामक बीमारी के एक आदमी से दूसरे में फैलने के बारे में भी चेतावनी जारी कर दी गई है।
विज्ञापन
सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी चीन के जियांग्सु राज्य में इस साल की पहली छमाही में पहले 37 से ज्यादा लोग एसएफटीएस वायरस के संपर्क में आए थे। इसके बाद पूर्वी चीन के ही अनहुई राज्य में भी 23 लोग इससे संक्रमित पाए गए।
विज्ञापन
जियांग्सु की राजधानी नानजिंग में इस नए वायरस से पीड़ित एक महिला में पहले बुखार, खांसी जैसे लक्षण दिखाई दिए। डॉक्टरों ने जांच के दौरान उसके शरीर में ल्यूकोसाइट और ब्लड प्लेटलेट्स की भी गिरावट दर्ज की। अस्पताल में एक महीना इलाज के बाद उस महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एसएफटीएस वायरस के कारण अब तक अनहुई और पूर्वी चीन के झेजियांग राज्य में कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि एसएफटीएस नया वायरस नहीं है। बुन्यावायरस श्रेणी के वायरस को चीन ने 2011 में रोग फैलाने वाले पैथोजन को अलग कर दिया था।
वायरलॉजिस्टों का मानना है कि इस वायरस का संक्रमण एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है। झेजियांग विश्वविद्यालय से जुड़े अस्पताल के एक डॉक्टर शेंग जिफांग ने कहा कि वायरस के मानव-से-मानव संचरण की संभावना को दरकिनार नहीं किया जा सकता है। इससे संक्रमित मरीज दूसरों में वायरस का प्रसार कर सकता है।
हालांकि डॉक्टरों ने कहा है कि जब तक लोग सतर्क रहते हैं, तब तक ऐसे वायरस के संक्रमण से घबराने की जरूरत नहीं है।