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South Korea: 'यूक्रेन में पकड़े गए उत्तर कोरियाई सैनिकों ने नहीं मांंगी दक्षिण कोरिया में शरण', एजेंसी का दावा
Mon, 13 Jan 2025 12:32 PM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 13 Jan 2025 12:32 PM IST
सार
राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने पुष्टि की कि उत्तर कोरियाई सैनिकों ने फिलहाल दक्षिण कोरिया में बसने का अनुरोध नहीं किया है। अगर भविष्य में इन सैनिकों को दक्षिण कोरिया में शरण लेने की इच्छा होती है, तो इस पर यूक्रेनी अधिकारियों के साथ बातचीत की जाएगी।
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उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया
- फोटो : iStock
विस्तार
दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी का कहना है कि यूक्रेन में पकड़े गए उत्तर कोरियाई सैनिकों ने दक्षिण कोरिया में शरण लेने की इच्छा नहीं जताई है। सोमवार को दक्षिण कोरिया के संसद में एक बंद कमरे की बैठक के दौरान राष्ट्रीय खुफिया सेवा (एनआईएस) ने यह जानकारी दी। इन सैनिकों को यूक्रेनी बलों ने रूस के कुर्स्क बॉर्डर क्षेत्र में पकड़ा था, जब वे रूसी बलों के साथ मिलकर लड़ रहे थे।
क्या बोले यूक्रेनी राष्ट्रपति?
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अगर देश के तानाशाह नेता किम जोंग उन रूस को यूक्रेनी बंदियों को छोड़ने के लिए मना लेते हैं, तो वह उत्तर कोरियाई सैनिकों को वापस सौंपने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिकों के लिए अन्य विकल्प भी हो सकते हैं, जिनके तहत पकड़े गए सैनिक यूक्रेन में रह सकते हैं, यदि वे वापस उत्तर कोरिया लौटने की इच्छा नहीं रखते। बता दें, यूक्रेनी सरकार ने एक वीडियो जारी कर संकेत दिया है कि पकड़े गए सैनिकों में से एक ने कीव में रहने की इच्छा जताई है।
खुफिया एजेंसी ने दी यह जानकारी
दक्षिण कोरिया की संसद में बंद कमरे में हुई बैठक में राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने पुष्टि की कि यूक्रेनी अधिकारियों द्वारा उत्तर कोरियाई सैनिकों से पूछताछ में उसने भी भाग लिया था। सैनिकों ने दक्षिण कोरिया में बसने का अनुरोध नहीं किया है। अगर भविष्य में इन सैनिकों को दक्षिण कोरिया में शरण लेने की इच्छा होती है, तो इस पर यूक्रेनी अधिकारियों के साथ बातचीत की जाएगी।
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शरण देने के लिए परामर्श की आवश्यकता
गौरतलब है, 1990 के दशक से ही लगभग 34,000 उत्तर कोरियाई लोग आर्थिक कठिनाई और घरेलू राजनीतिक दमन से बचने के लिए दक्षिण कोरिया में बसने चले गए हैं। अंतर-कोरियाई मामलों को संभालने वाले दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के प्रवक्ता कू ब्योंगसम ने कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिकों को शरण देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून सहित कानूनी समीक्षा और संबंधित देशों के साथ परामर्श की आवश्यकता होगी। फिलहाल इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते हैं।
अबतक 300 सैनिकों की मौत
खुफिया एजेंसी का कहना है कि लगभग 300 उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौत हो चुकी है और 2,700 घायल हुए हैं, जबकि वे यूक्रेनी बलों के खिलाफ रूस के साथ मिलकर लड़ रहे हैं। यह उत्तर कोरिया का 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद से पहला बड़ा युद्ध है।
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क्या बोले यूक्रेनी राष्ट्रपति?
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अगर देश के तानाशाह नेता किम जोंग उन रूस को यूक्रेनी बंदियों को छोड़ने के लिए मना लेते हैं, तो वह उत्तर कोरियाई सैनिकों को वापस सौंपने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिकों के लिए अन्य विकल्प भी हो सकते हैं, जिनके तहत पकड़े गए सैनिक यूक्रेन में रह सकते हैं, यदि वे वापस उत्तर कोरिया लौटने की इच्छा नहीं रखते। बता दें, यूक्रेनी सरकार ने एक वीडियो जारी कर संकेत दिया है कि पकड़े गए सैनिकों में से एक ने कीव में रहने की इच्छा जताई है।
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खुफिया एजेंसी ने दी यह जानकारी
दक्षिण कोरिया की संसद में बंद कमरे में हुई बैठक में राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने पुष्टि की कि यूक्रेनी अधिकारियों द्वारा उत्तर कोरियाई सैनिकों से पूछताछ में उसने भी भाग लिया था। सैनिकों ने दक्षिण कोरिया में बसने का अनुरोध नहीं किया है। अगर भविष्य में इन सैनिकों को दक्षिण कोरिया में शरण लेने की इच्छा होती है, तो इस पर यूक्रेनी अधिकारियों के साथ बातचीत की जाएगी।
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शरण देने के लिए परामर्श की आवश्यकता
गौरतलब है, 1990 के दशक से ही लगभग 34,000 उत्तर कोरियाई लोग आर्थिक कठिनाई और घरेलू राजनीतिक दमन से बचने के लिए दक्षिण कोरिया में बसने चले गए हैं। अंतर-कोरियाई मामलों को संभालने वाले दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के प्रवक्ता कू ब्योंगसम ने कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिकों को शरण देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून सहित कानूनी समीक्षा और संबंधित देशों के साथ परामर्श की आवश्यकता होगी। फिलहाल इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते हैं।
अबतक 300 सैनिकों की मौत
खुफिया एजेंसी का कहना है कि लगभग 300 उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौत हो चुकी है और 2,700 घायल हुए हैं, जबकि वे यूक्रेनी बलों के खिलाफ रूस के साथ मिलकर लड़ रहे हैं। यह उत्तर कोरिया का 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद से पहला बड़ा युद्ध है।