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चीन के बीआरआई को लेकर भारत की असहमति से एससीओ को खतरा नहीं : महासचिव नोरोव
Tue, 23 Jun 2020 08:23 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 23 Jun 2020 08:23 AM IST
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SCO Secretary-General Vladimir Norov(pti)
- फोटो : social media
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शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के महासचिव व्लादिमीर नोरोव ने कहा कि एससीओ में चीन की ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) का समर्थन नहीं करने के भारत के फैसले से इस संगठन को कोई खतरा नहीं है। इंटरव्यू में उन्होंने कहा, क्योंकि बीआरआई का ढांचा लोकतांत्रिक है, जो सदस्य देशों को परियोजना से बाहर निकलने की अनुमति देता है।
नोरोव से जब पूछा गया कि बीआरआई पर वह भारत के रुख और अन्य सदस्यों के बीच खुद को किस भूमिका में देखते हैं, तो उन्होंने कहा कि एससीओ में निर्णय लेते समय, सदस्य देश सर्वसम्मति के सिद्धांत का ध्यान रखते हैं। यही सिद्धांत राजनीतिक दस्तावेजों के अनुमोदन पर भी लागू होता है। बता दें कि भारत ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि इसका एक हिस्सा चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर के रूप में पीओके से होकर गुजरना है।
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नोरोव से जब पूछा गया कि बीआरआई पर वह भारत के रुख और अन्य सदस्यों के बीच खुद को किस भूमिका में देखते हैं, तो उन्होंने कहा कि एससीओ में निर्णय लेते समय, सदस्य देश सर्वसम्मति के सिद्धांत का ध्यान रखते हैं। यही सिद्धांत राजनीतिक दस्तावेजों के अनुमोदन पर भी लागू होता है। बता दें कि भारत ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि इसका एक हिस्सा चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर के रूप में पीओके से होकर गुजरना है।
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