अमेरिकी संसद पर दंगे में घिरे ट्रंप के खिलाफ महाभियोग, बुधवार से शुरू होगी सुनवाई
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सीनेट के समक्ष सुनवाई संभवत: बुधवार से शुरू होगी। यह उनके खिलाफ दूसरा महाभियोग है। पिछले साल वह एक अन्य ऐसे केस में बरी हो चुके हैं। महाभियोग के तहत उन पर चुनाव के परिणाम को पलटने के लिए छह जनवरी को अमेरिकी कैपिटल (संसद भवन) में दंगा भड़काने का आरोप लगाया गया है। दलीलें रखने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी और दोनों पक्षों को 16-16 घंटे दिए जाएंगे।
वकील बोले-दंगे के लिए नहीं भड़काया
ट्रंप के वकीलों की दलील है कि ट्रंप ने समर्थकों की रैली को संबोधित करने के दौरान लोगों को दंगे के लिए नहीं भड़काया। बचाव पक्ष के वकीलों ने आरोप लगाया है कि सदन के महाभियोग प्रबंधक घंटे भर लंबे ट्रंप के भाषण में से सिर्फ उन्हीं हिस्सों को ले रहे हैं जो डेमोक्रेटिक पार्टी के मामले के लिए मददगार हैं। वकीलों ने रेखांकित किया कि ट्रंप ने बार-बार अपने समर्थकों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और देशभक्त तरीके से अपनी आवाज उठाएं।
ट्रंप ने समर्थकों से यह कहा था
वकीलों ने दलील दी कि ट्रंप की टिप्पणी, 'अगर आप जी-जान से नहीं लड़ते हैं तो आप यह देश खोने जा रहे हैं,' चुनाव सुरक्षा के सामान्य संदर्भ में की गई थी, न कि हिंसा के आह्वान के लिए थी।
अब महाभियोग चलाना असंवैधानिक, क्योंकि ट्रंप पद पर नहीं
गवाह को बुलाए जाने की संभावना नहीं
इस महाभियोग कार्यवाही के दौरान किसी भी गवाह को बुलाए जाने की संभावना नहीं है। ट्रंप ने भी गवाही में शामिल होने से इनकार कर दिया है। वकीलों ने जोर देकर कहा कि महाभियोग में दोषी साबित होने के बाद बचाव पक्ष (ट्रंप) को पद से हटाना होता है। लेकिन ट्रंप अब व्हाइट हाउस में नहीं हैं, इसलिए ऐसे मुकदमे का कोई कानूनी आधार नहीं है। ट्रंप के वकीलों ने संकेत दिया है कि वे उनके बचाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों का उल्लेख करेंगे।
बाइडन नहीं देखेंगे सीधा प्रसारण
इससे पहले राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया केवल तीन बार हुई जिसमें एंड्रयू जॉनसन, बिल क्लिंटन और फिर पिछले साल ट्रंप को बरी कर दिया गया।