फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Scott Bessent over US energy market supply stability Trump administration oil policy amid West Asia conflict

US: पश्चिम एशिया संकट के बीच तेल बाजार में स्थिरता लाने के लिए अमेरिका सख्त, ट्रंप प्रशासन का बयान आया सामने

Mon, 09 Mar 2026 12:38 AM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Mon, 09 Mar 2026 12:38 AM IST
सार

West Asia Conflict Impact: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कहा है कि वह वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए बड़े तेल उत्पादकों और उपभोक्ताओं के साथ काम कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि ट्रंप प्रशासन आपूर्ति संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

विज्ञापन
Scott Bessent over US energy market supply stability Trump administration oil policy amid West Asia conflict
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने की बात कही है। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन दुनिया के बड़े तेल उत्पादकों, उपभोक्ताओं और रिफाइनरियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखना और आपूर्ति को संतुलित रखना है।
विज्ञापन


स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर अर्थव्यवस्था है। राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह साझा लक्ष्य है और दुनिया के कई देश इसमें सहयोग कर रहे हैं। बेसेंट ने उन देशों का भी धन्यवाद किया जो ऊर्जा बाजार में संतुलन बनाए रखने के इस प्रयास में साथ दे रहे हैं।
विज्ञापन


वैश्विक तेल बाजार को स्थिर रखने के लिए अमेरिका क्या कर रहा है?
स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका तेल उत्पादन और आपूर्ति से जुड़े देशों के साथ लगातार संपर्क में है। उनका कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव से दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए अमेरिका तेल उत्पादकों, उपभोक्ताओं और रिफाइनरियों के साथ मिलकर आपूर्ति को संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि यह कदम वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत को रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की छूट क्यों दी गई?
बेसेंट ने एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका ने भारत को 30 दिन की अस्थायी छूट दी है ताकि भारतीय रिफाइनरियां रूसी कच्चा तेल खरीद सकें। उन्होंने कहा कि यह तेल पहले से समुद्र में मौजूद था और उसकी डिलीवरी रुकी हुई थी। इसलिए अस्थायी तौर पर इस तेल को खरीदने की अनुमति दी गई। उनका कहना है कि इससे दुनिया में तेल आपूर्ति के अस्थायी अंतर को भरने में मदद मिलेगी।

क्या इससे रूस को आर्थिक फायदा होगा?
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने कहा कि यह कदम बहुत सीमित समय के लिए है और इससे रूस सरकार को बड़ा आर्थिक फायदा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह अनुमति केवल उस तेल के लिए है जो पहले से समुद्र में फंसा हुआ था। इसका मकसद केवल वैश्विक तेल आपूर्ति में बने अस्थायी अंतर को भरना है ताकि ऊर्जा बाजार में अस्थिरता न फैले।


अमेरिका के बयान पर भारत में राजनीति क्यों तेज हुई?
अमेरिकी बयान के बाद भारत में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अमेरिका को भारत की विदेश और आर्थिक नीति तय करने की छूट दे दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारत को अपनी ऊर्जा नीति स्वतंत्र रूप से तय करनी चाहिए। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed