SCO Summit: एक मंच पर जुटे पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग जैसे दिग्गज नेता, जानिए दिनभर क्या-क्या हुआ
प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक उज्बेक शहर समरकंद में आठ सदस्यीय समूह के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के इस साल 7.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। दिनभर यहा क्या हुआ जानिए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में शिरकत की और दुनिया के सामने भारत का नजरिया रखा। शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और समूह के अन्य नेता भी शामिल हुए। इस मौके पर पीएम मोदी ने कोरोना और यूक्रेन संकट के कारण पैदा हुए संकटों को दूर करने के लिए एससीओ से भरोसेमंद और लचीली आपूर्ति श्रृंखला तैयार करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बेहतर संपर्कऔर सदस्य देशों द्वारा पारगमन सुविधाओं का पूर्ण अधिकार दिया जाना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अहम हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक उज्बेक शहर समरकंद में आठ सदस्यीय समूह के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के इस साल 7.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है और भारत एससीओ के सदस्य देशों के बीच वृहद सहयोग और परस्पर विश्वास का समर्थन करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 और यूक्रेन में उपजे हालात के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है, जिससे विश्व के समक्ष अभूतपूर्व खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा संकट पैदा हुआ।
करीब 28 महीने पहले पूर्वी लद्दाख में भारत व चीन के बीच सीमा गतिरोध की शुरुआत होने के बाद से यह पहला मौका है जब मोदी और शी इस शिखर सम्मेलन में आमने-सामने हुए। पीएम मोदी ने कहा कि भारत एससीओ सदस्यों के बीच वृहद सहयोग और परस्पर विश्वास का समर्थन करता है। महामारी और यूक्रेन संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला में कई व्यवधान आए जिससे दुनिया को अभूतपूर्व ऊर्जा एवं खाद्य संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एससीओ को हमारे क्षेत्र में विश्वस्त, लचीला और विविधतापूर्ण आपूर्ति शृंखला विकसित करने के लिए प्रयत्न करने चाहिए। इसके लिए बेहतर संपर्क की आवश्यकता तो होगी ही, साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि हम सभी एक दूसरे को पारगमन का पूरा अधिकार दें।
प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की
प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एससीओ के वार्षिक शिखर सम्मेलन से इतर बातचीत की। इस साल फरवरी में यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात रही। ऐसा समझा जाता है कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। भारत ने यूक्रेन पर आक्रमण के लिए अब तक रूस की आलोचना नहीं की है। भारत बातचीत के जरिए संकट के समाधान पर जोर दे रहा है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा, मैं यूक्रेन में संघर्ष पर आपकी स्थिति और आपकी चिंताओं के बारे में भी जानता हूं। हम चाहते हैं कि यह सब जल्द से जल्द खत्म हो। हम आपको वहां क्या हो रहा है, इसकी जानकारी देंगे। वहीं, पीएम मोदी ने कहा, आज का युग युद्ध का नहीं है और मैंने इस बारे में आपसे फोन पर बात की है। आज हमें बात करने का अवसर मिलेगा कि हम शांति के पथ पर कैसे आगे बढ़ सकते हैं। भारत-रूस कई दशकों से एक-दूसरे के साथ रहे हैं।
पीएम मोदी ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन से इतर तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन से मुलाकात की और इस दौरान दोनों ने विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समरकंद में एससीओ के सम्मेलन से इतर राष्ट्रपति आर टी एर्दोआन से बातचीत की। दोनों नेताओं ने विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि दोनों नेताओं ने बैठक में उपयोगी बातचीत की। उन्होंने ट्वीट किया, नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और द्विपक्षीय व्यापार में हाल में हुए फायदों को सराहा। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
पाकिस्तान के करीबी सहयोगी देश तुर्की के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्रों में अपने भाषण में बार-बार कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया है। भारत ने उनके बयानों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि तुर्की को दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान करना और अपनी नीतियों में अधिक गहनता से इसे व्यक्त करना सीखना चाहिए।
ईरानी राष्ट्रपति से पीएम मोदी की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से मुलाकात की। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर बैठक की।
PM Narendra Modi meets Iranian President Ebrahim Raisi in Samarkand, Uzbekistan #SCOSummit pic.twitter.com/W7LILgcg2m
— ANI (@ANI) September 16, 2022
शी जिनपिंग ने की पाकिस्तान के पीएम से मुलाकात
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पाकिस्तान में सीपीईसी परियोजनाओं पर काम कर रहे सैकड़ों चीनी कर्मियों को पुख्ता सुरक्षा मुहैया करने की यहां शुक्रवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपील की। शी ने उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर में यहां शहबाज शरीफ से मुलाकात के दौरान चीन और पाकिस्तान के बीच विकास रणनीतियों में मजबूत तालमेल बनाने पर भी जोर दिया।
समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से अलग दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, जिस दौरान दोनों देशों ने रेलवे, ई-कॉमर्स और अन्य क्षेत्रों में सहयेाग से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। समझौतों के विवरण का खुलासा नहीं किया गया है। जिनपिंग ने चीनी कर्मियों पर हुए आतंकी हमलों को लेकर चिंता जताते हुए शहबाज शरीफ से कहा कि चीन उम्मीद करता है कि पाकिस्तान चीनी नागरिकों और प्रतिष्ठानों को अपने यहां पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराएगा और चीन के कारोबार के वैध हितों की रक्षा करेगा। चीन ने पाकिस्तान में 60 अरब डॉलर की लागत वाले चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं में अपने सैकड़ों कर्मियों को काम पर लगा रखा है।
बाढ़ के बाद दरिया जैसा दिखने लगा है पाकिस्तान: शरीफ
इस साल 14 जून से आई भयावह बाढ़ में लगभग एक तिहाई पाकिस्तान डूब गया है। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान में आई भयावह बाढ़ का कारण निश्चित रूप से जलवायु परिवर्तन था। जलवायु परिवर्तन बादल फटने और अभूतपूर्व बारिश के साथ पहाड़ों से जलधाराएं मैदानों में आने की वजह से बाढ़ आई। इन सबके के कारण पाकिस्तान दरिया जैसा दिख रहा है।
शहबाज शरीफ की आतंकी मसूद अजहर पर कार्रवाई को लेकर चुप्पी
एक पत्रकार ने जब पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से आतंकी मसूद अजहर पर कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। बैठक के बाद शरीफ उज्बेकिस्तान के पीएम के साथ बाहर जा रहे थे इसी दौरान पत्रकार ने उनसे ये सवाल किया।
#WATCH | Uzbekistan | Pakistan PM Shehbaz Sharif questioned about Jaish-e-Mohammad (JeM) chief Maulana Masood Azhar pic.twitter.com/2hgrpl5CC5
— ANI (@ANI) September 16, 2022
पीएम मोदी का गर्मजोशी से हुआ स्वागत
इससे पहले शिखर सम्मेलन के सीमित प्रारूप के दौरान विचार-विमर्श से पहले, समूह के स्थायी सदस्यों के नेताओं ने एक साथ तस्वीर खिंचवाई। शिखर सम्मेलन के परिसर पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने 22वें एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए समरकंद के कांग्रेस सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। उन्होंने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एससीओ के अन्य सदस्य देशों के नेताओं ने क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा, व्यापार एवं संपर्क, संस्कृति और पर्यटन सहित सामयिक, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।