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Hindi News ›   World ›   SCO Summit 2024 Updates: External Affairs Minister S Jaishankar meets Chinese counterpart Wang Yi in Astana

SCO Summit: अस्ताना में चीनी समकक्ष वांग यी से मिले जयशंकर; सीमा विवाद सुलझाने के प्रयास बढ़ाने पर जताई सहमति

Thu, 04 Jul 2024 09:36 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अस्ताना
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अस्ताना Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 04 Jul 2024 09:36 AM IST
सार

जयशंकर ने वांग को बताया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का सम्मान और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। विदेश मंत्री ने भारत के इस दृढ़ दृष्टिकोण की भी दोहराया कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता पर आधारित होने चाहिए।

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SCO Summit 2024 Updates: External Affairs Minister S Jaishankar meets Chinese counterpart Wang Yi in Astana
भारत और चीन के विदेश मंत्री। - फोटो : ANI

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में को मुलाकसत की। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद के बीच दोनों देशों के विदेश मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन से इतर मिले। दोनों ने पूर्वी लद्दाख में मुद्दों को हल करने के लिए कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के जरिए प्रयासों को बढ़ाने पर सहमति जताई।

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जयशंकर ने वांग को बताया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का सम्मान और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। विदेश मंत्री ने भारत के इस दृढ़ दृष्टिकोण की भी दोहराया कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता पर आधारित होने चाहिए।
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जयशंकर ने 'एक्स' पर कहा कि आज सुबह अस्ताना में सीपीसी पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। सीमा क्षेत्रों में शेष मुद्दों के शीघ्र समाधान पर चर्चा की। इस दिशा में कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के जरिए प्रयासों को दोगुना करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एलएसी का सम्मान करना, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना आवश्यक है। परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हित हमारे द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्री इस बात पर सहमत हुए कि सीमा क्षेत्रों में वर्तमान में जो हालात हैं, उन्हें लंबा खींचना किसी के भी हित में नहीं है। विदेश मंत्री ने पूर्वी लद्दाख में शेष क्षेत्रों से सैनिकों को पूरी तरह से हटाने और सीमा पर शांति बहाल करने के प्रयासों को दोगुना करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि द्विपक्षीय संबंधों के सामान्य होने की राह में जो भी बाधाएं हैं वे दूर हों।


भारत और चीन के मध्य पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद के बीच इन नेताओं के बीच यह बैठक हुई है। भारत और चीन की सेनाओं के बीच मई 2020 से गतिरोध जारी है। हालांकि, दोनों पक्ष टकराव वाले कई क्षेत्रों से पीछे हटे हैं लेकिन सीमा विवाद का पूर्ण समाधान अब तक नहीं हो पाया है। गलवान घाटी में जून 2020 में दोनों देशों के सैनिकों के बीच घातक झड़प हुई थी जिसमें बड़ी संख्या में दोनों ओर के सैनिक हताहत हुए थे। दोनों पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए पिछली बातचीत फरवरी में हुई थी।
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