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ब्लैक होल की पहली तस्वीर का जल्द होगा दीदार, वैज्ञानिकों की तैयारी पूरी
Sat, 06 Apr 2019 04:49 PM IST
Priyesh Mishra
भाषा, पेरिस
भाषा, पेरिस
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 06 Apr 2019 04:49 PM IST
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ब्लैक होल (प्रतीकात्मक)
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दुनिया को ब्लैक होल की पहली तस्वीर का जल्द ही दीदार होने की उम्मीद है। दुनिया भर के खगोलविद् बुधवार को एक साथ छह बड़े संवाददाता सम्मेलन आयोजित करेंगे और इवेंट हॉरिजन टेलीस्कोप (ईएचटी) के पहले परिणाम की घोषणा करेंगे जिसे मुख्य रूप से तस्वीर लेने के लिए ही बनाया गया है।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के खगोलविद् और ब्लैक होल के एक विशेषज्ञ पॉल मैक्नमारा ने कहा, ‘‘पिछले 50 वर्ष से अधिक समय से वैज्ञानिकों ने देखा है कि हमारी आकाशगंगा के केंद्र में कुछ बहुत चमकीला है।’’
उन्होंने बताया कि ब्लैक होल में इतना मजबूत गुरुत्वाकर्षण है कि तारे 20 वर्ष में इसकी परिक्रमा करते हैं। हमारी सौर प्रणाली में आकाशगंगा की परिक्रमा में 23 करोड़ साल लगते हैं।
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उल्लेखनीय है कि सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार, ब्लैक होल ऐसी खगोलीय वस्तु होती है जिसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र इतना शक्तिशाली होता है कि प्रकाश सहित कुछ भी इसके खिंचाव से बच नहीं सकता। इसे ब्लैक होल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है और कुछ भी रिफ्लेक्ट (प्रतिबिंबित) नहीं करता।
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यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के खगोलविद् और ब्लैक होल के एक विशेषज्ञ पॉल मैक्नमारा ने कहा, ‘‘पिछले 50 वर्ष से अधिक समय से वैज्ञानिकों ने देखा है कि हमारी आकाशगंगा के केंद्र में कुछ बहुत चमकीला है।’’
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उन्होंने बताया कि ब्लैक होल में इतना मजबूत गुरुत्वाकर्षण है कि तारे 20 वर्ष में इसकी परिक्रमा करते हैं। हमारी सौर प्रणाली में आकाशगंगा की परिक्रमा में 23 करोड़ साल लगते हैं।
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उल्लेखनीय है कि सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार, ब्लैक होल ऐसी खगोलीय वस्तु होती है जिसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र इतना शक्तिशाली होता है कि प्रकाश सहित कुछ भी इसके खिंचाव से बच नहीं सकता। इसे ब्लैक होल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है और कुछ भी रिफ्लेक्ट (प्रतिबिंबित) नहीं करता।