फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Scientists reverse age-related vision loss, eye damage from glaucoma in mice

जीन थेरेपी से फिर जवां होंगी आंखें, वैज्ञानिकों ने चूहों पर ऐसे किया प्रयोग

Thu, 03 Dec 2020 09:46 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, बोस्टन
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, बोस्टन Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Thu, 03 Dec 2020 09:46 PM IST
विज्ञापन
Scientists reverse age-related vision loss, eye damage from glaucoma in mice
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

उम्र बढ़ने के साथ सबसे बड़ी समस्या आंखों संबंधित हो जाती है। उम्र के साथ आंखों को होने वाली दिक्कतें दूर करने की दिशा में उम्मीद की नई किरण दिखी है। वैज्ञानिकों ने जीन थेरेपी की मदद से चूहे की आंखों को फिर जवां करने में सफलता पाई है। यह कदम मनुष्यों में उम्र संबंधी कई बीमारियों के उपचार के लिए जमीन तैयार कर सकता है।

विज्ञापन


वैज्ञानिकों ने चूहों की आंखों में स्थित जीन के युवावस्था के कार्य को फिर से बहाल कर उनकी दृष्टि वापस लाने में कामयाबी पाई है। जर्नल ‘नेचर’ में प्रकाशित ‘परिकल्पना का साक्ष्य’ शोध चूहों में उम्र के साथ आने वाली दृष्टिहीनता को भी सफलतापूर्वक पलटता है। चूहों को भी काफी कुछ मनुष्यों में होने वाले मोतियाबिंद की तरह ही बीमारी से उम्र बढ़ने पर दिखाई देना बंद हो जाता है।
विज्ञापन


मोतियाबिंद दुनिया भर में दृष्टिहीनता का एक प्रमुख कारण है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह अध्ययन उस पहले प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है कि आंख की तंत्रिका कोशिकाओं जैसे जटिल उत्तकों को सुरक्षित तरीके से पहले की उम्र तक ले जाना संभव हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

खुल सकता है नए उपचार का रास्ता..

अमेरिका के हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में जेनेटिक्स के प्रोफेसर और इस अध्ययन के वरिष्ठ लेखक डेविड सिंक्लेयर ने कहा, “हमारा अध्ययन यह प्रदर्शित करता है कि रेटिना जैसे जटिल उत्तकों की उम्र को सुरक्षित तरीके से पीछे ले जाना और उनके युवावस्था के जैविक कामकाज को फिर से बहाल करना संभव है।”

शोधकर्ताओं का मानना है कि आगे के अध्ययनों में भी अगर यह परिलक्षित होता है, तो यह उम्र को कम करने और इंसानों में उम्र संबंधी बीमारियों के उपचार के नए तरीकों का रास्ता खोल सकता है।

उन्होंने कहा कि ये तीनों जीन, एक चौथे जीन के साथ सामूहिक तौर पर ‘यामानाका’ कारक के तौर पर जाने जाते हैं। चौथे जीन का इस अध्ययन में इस्तेमाल नहीं किया गया था।

ऐसे हुआ प्रयोग 

प्रयोग के दौरान वैज्ञानिकों ने चूहे के रेटिना में तीन ऐसे जीन भेजे, जो रेटिना की क्षमता को युवावस्था के स्तर तक लाने में सक्षम थे। रेटिना तक जीन को पहुंचाने के लिए एडेनो एसोसिएटेड वायरस (एएवी) का इस्तेमाल किया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि ये तीन जीन ओसीटी4, एसओएक्स2 और केएलएफ4 आमतौर पर भ्रूण के विकास के समय सक्रिय होते हैं। इस प्रयोग के दौरान चूहे की आंखों की रोशनी वापस लाने में भी कामयाबी मिली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed