फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Scared Google after US Justice Department appointment new chief Jonathan Kanter for anti-competitive litigation division

अमेरिका: नए अधिकारी की नियुक्ति से डरा गूगल, न्याय विभाग में स्पर्धारोधी मुकदमे के अफसर को बताया पक्षपाती

Sun, 21 Nov 2021 05:55 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वॉशिंगटन
एजेंसी, वॉशिंगटन Published by: देव कश्यप Updated Sun, 21 Nov 2021 05:55 AM IST
सार

जॉनेथन कैंटर के विभाग को ही गूगल द्वारा ऑनलाइन विज्ञापनों के लाखों करोड़ रुपये के बाजार को अपने एकाधिकार से नियंत्रित करने के आरोपों की जांच सौंपी गई है।

विज्ञापन
Scared Google after US Justice Department appointment new chief Jonathan Kanter for anti-competitive litigation division
जॉनेथन कैंटर - फोटो : Twitter

विस्तार

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा स्पर्धारोधी मुकदमों के लिए बनी डिवीजन में नए प्रमुख जॉनेथन कैंटर की तैनाती से गूगल डर गया है। उसने विभाग को पत्र लिखकर उन्हें केंद्र द्वारा की जा रही स्पर्धा रोधी मुकदमों में जांच से हटाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि जॉनेथन को दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल का मुखर आलोचक माना जाता है, यह भी एक वजह रही कि उन्हें डिवीजन का प्रमुख बनाया गया।

विज्ञापन


जॉनेथन के विभाग को ही गूगल द्वारा ऑनलाइन विज्ञापनों के लाखों करोड़ रुपये के बाजार को अपने एकाधिकार से नियंत्रित करने के आरोपों की जांच सौंपी गई है। अपनी मांग के समर्थन में गूगल ने तर्क रखा कि जॉनेथन ने पूर्व में गूगल के खिलाफ कई मुकदमे लड़े हैं, इसलिए उन्हें गूगल के खिलाफ मुकदमे लड़ रही सरकारी एजेंसी का दायित्व नहीं सौंपना चाहिए। आशंका भी जताई कि वे निष्पक्ष होकर काम नहीं करेंगे। 
विज्ञापन


अमेजन ने भी जताई थी आपत्ति
इससे पहले फेसबुक व अमेजन ने भी ऐसी ही वजहें बताते हुए केंद्रीय व्यापार आयोग में लीना खान और राष्ट्रीय आर्थिक परिषद में तकनीक व प्रतियोगिता नीति के लिए टिम वू की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी। इन सभी अधिकारियों की नियुक्ति को अमेरिका में तकनीकी कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाने के सरकारी प्रयासों की शुरुआत माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एयरलाइन कंपनियों के समझौते से महंगी न हो यात्रा, सुनवाई करेगी अदालत
अमेरिका में दो एयरलाइन कंपनियों के बीच हुए समझौते के खिलाफ यहां के न्याय विभाग द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई का निर्णय अदालत ने लिया है। विभाग ने आशंका जताई है कि इस समझौते से खुली प्रतियोगिता खत्म होगी और एयरलाइंस का एकाधिकार स्थापित हो सकता है। इससे यात्रियों को महंगे  टिकट खरीदने पड़ सकते हैं।


यह ‘नॉर्थ-ईस्ट समझौता’ पिछले वर्ष जुलाई में दुनिया की सबसे बड़ी यात्री विमान सेवा कंपनी अमेरिकन एयरलाइंस ग्रुप इंक और जेट ब्लू एयरवेज कॉर्प के बीच हुआ था। अमेरिका के बोस्टन में जिला जज लियो सोरोकिन ने न्याय विभाग द्वारा दायर याचिका पर विचार करने के बाद सुनवाई का निर्णय लिया। यह सुनवाई अगले वर्ष सितंबर में शुरू हो सकती है। अमेरिका के छह राज्यों ने भी इस समझौते पर आपत्ति जताई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed