टू टॉक एप से जासूसी कर रही सऊदी सरकार, अमेरिकी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में खुलासा, गूगल ने लगाया बैन
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टिक-टॉक के बाद अब टू-टॉक आपके लिए मुसीबत बन सकता है। टू-टॉक एप का इस्तेमाल करते हैं तो जरा संभल जाइए। इस एप से सऊदी अरब सरकार आपकी जासूसी करवा रही है। इसका खुलासा अमेरिकी इंटेलिजेंस विभाग ने अपनी जांच पड़ताल में किया है। एप के जरिए भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, यूएई समेत अन्य देशों के लोगों की जासूसी की गई है।
अमेरिकी अखबर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार इस एप से अपने नागरिकों के साथ दूसरे देश में रह रहे लोगों की व्यक्तिगत सूचनाओं पर नजर रखता है। जांच में पता चला है कि एप वीडियो, फोटो के साथ लोगों की आपसी बातों और उनके रिश्तों के साथ किसी बैठक में शामिल होने की जानकारी भी यूएई इंटेलिजेंस को देता है। यही नहीं मौसम का अपडेट देने के बहाने एप लोकेशन भी ट्रेस करता है। इस खुलासे के बाद एप का संचालन करने वाली कंपनी ब्रीज होल्डिंग और यूएई सरकार ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है।
जानिए कैसे चोरी हो रहा है डाटा
ब्रीज होल्डिंग नाम की कंपनी इस एप का संचालन करती है जिसका सीधा संबंध अबु धाबी की साइबर सिक्योरिटी फर्म डार्क मैटर से है। यही नहीं एप सीधे संयुक्त अरब अमीरात की डाटा माइनिंग फर्म पैक्स-एआई से जुड़ा है जो हर तरह की सूचना को यूएई इंटेलिजेंस एजेंसी से साझा कर रहा है।
खुद नजर रखना चाहती है सरकार
अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब सरकार एप के जरिए अपने नागरिकों के साथ खुद ही विदेशी नागरिकों, अधिकारियों, पत्रकारों, आलोचकों और आतंकी नेटवर्क का संचालन करने वाले लोगों की निगरानी कर रही है।
लाखों लोगों ने किया डाउनलोड
टू-टॉक एप कुछ महीने पहले ही आया और लाखों लोगों ने डाउनलोड किया। सबसे अधिक एशिया, यूरोप, मध्य पूर्वी देशों, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका में डाउनलोड किया गया। इसके सबसे अधिक उपयोगकर्ता संयुक्त अरब अमीरात में हैं। अमरीका में पिछले सप्ताह इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है।
इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ
यूएई सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर दुनियाभर में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले सोशल नेटवर्किंग एप व्हाट्सएप और स्काइप पर प्रतिबंध है। खुलासे में दावा किया गया है कि अभी तक सरकारें फोन टेप करवा लोगों की गुप्त जानकारियां एकत्र करती थीं। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार ने डिजिटल जासूसी के क्षेत्र में कदम रखा है और एप के जरिए लोगों की व्यक्तिगत जानकारी जुटा रही है।
गूगल और ऐपल ने एप को स्टोर से हटाया
इस खुलासे के साथ ही गूगल और ऐपल ने टू-टॉक एप को अपने प्ले और एप स्टोर से हटा दिया है। इस पर अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है, लेकिन उसने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं कुछ जानकारों का मानना है कि एफबीआई इस मामले की जांच कर रही है।