फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   S Jaishankar met Iranian Foreign Minister Javed Zarif in Tehran Discussion on strengthening bilateral cooperation

तेहरान में ईरानी विदेशमंत्री से मिले एस. जयशंकर, कहा- द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर की चर्चा

Wed, 09 Sep 2020 06:43 AM IST
Kuldeep Singh वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Kuldeep Singh Updated Wed, 09 Sep 2020 06:43 AM IST
विज्ञापन
S Jaishankar met Iranian Foreign Minister Javed Zarif in Tehran Discussion on strengthening bilateral cooperation
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : Twitter

विदेशमंत्री एस जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को रूस रवाना हुए। हालांकि, वह कुछ देर के लिए ईरान में रुके। जयशंकर ने अपने ईरानी विदेशमंत्री जावेद जरीफ से मुलाकात की। जयशंकर ने ट्वीट कर कहा, जावेद जरीफ से मुलाकात बेहद सार्थक रही। हमने द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की और क्षेत्रीय विकास की समीक्षा की। जयशंकर ईरान दौरे पर ऐसे समय पहुंचे हैं जब चीन और पाकिस्तान दोनों ही तेहरान को अपने पाले में लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

विज्ञापन


जयशंकर 10 सितंबर को मॉस्को में चीनी विदेशमंत्री वांग यी से मिलने वाले हैं, जिसमें सीमा विवाद का मुद्दा उठ सकता है। वहीं, ईरान ने कहा, भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्य बनने के ठीक पहले यह मुलाकात हुई है। भारत का कार्यकाल आगामी एक जनवरी से शुरू हो रहा है। इससे पहले मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन के रक्षामंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी अचानक ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे थे।
विज्ञापन


स्वामी ने जयशंकर को रूस से वापस बुलाने की मांग
भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने चीन से बातचीत जारी रखने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दस सितंबर को विदेशमंत्री एस जयशंकर की अपने चीनी विदेशमंत्री से रूस में होने वाली बातचीत को गैरजरूरी करार दिया है। स्वामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री को अपने विदेशमंत्री को तत्काल रूस से वापस बुला लेना चाहिए। उन्होंने ट्वीट में लिखा, जयशंकर मॉस्को में चीनी विदेशमंत्री से क्यों मिलना चाहते हैं? वह भी रक्षामंत्रियों की मुलाकात के बाद?
विज्ञापन
विज्ञापन


इस साल पांच मई के बाद से भारत के पास चीन से विदेश नीति के मोर्चे पर कोई विवाद सुलझाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में पीएम को चाहिए कि वह विदेश मंत्री को अपना रूस दौरा रद्द कर वापस आने के लिए कहें। ऐसे समय में बातचीत हमारे संकल्प को कम करता है। इससे पहले स्वामी ने रूस से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अपने चीनी समकक्ष से बातचीत पर भी सवाल उठाते हुए इसे गैरजरूरी करार दिया था।

महामारी की आड़ में भारतीय छात्रों को अपने यहां आने से रोक रहा चीन
कोरोना महामारी को देखते हुए चीन ने अपने यहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, भारतीय छात्रों को अपने चीनी कॉलेजों से संपर्क में रहने के लिए कहा गया है। ऑनलाइन पढ़ाई की पूरी कोशिश करने के लिए कहा गया है। साथ ही कॉलेजों से कहा गया है कि वे छात्रों की उचित मांगों का जवाब दें और उनकी व्यावहारिक कठिनाइयों को हल करने में मदद करें।


पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार, 23,000 से अधिक भारतीय छात्र, चीनी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से 21,000 से अधिक एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं. इनमें से अधिकांश छात्र जनवरी में चीनी नववर्ष की छुट्टियों के दौरान भारत आए थे, उसी समय कोरोना प्रकोप शुरू हुआ और छात्र वापस नहीं जा पा। चीन के शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय दूतावास को बताया कि अभी चीन में विदेशी छात्र प्रवेश नहीं कर सकते हैं, लेकिन चीनी सरकार विदेशी छात्रों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए बहुत महत्व देती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed