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Jaishankar: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत को बताया 'विश्व मित्र', बोले- हम वैश्विक दक्षिण की आवाज
Wed, 11 Oct 2023 03:21 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 11 Oct 2023 03:21 PM IST
सार
भारत की 'पड़ोसी पहले' की नीति है। इसके तहत भारत पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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विदेश मंत्री जयशंकर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को आईओआरए के मंच पर भारत को विश्व मित्र बताया। इंडियन ओसीन रिम एसोसिएशन (IORA) की 23वीं बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, विश्व मित्र और वैश्विक दक्षिण की आवाज है। बता दें कि भारत को साल 2023-25 के लिए आईओआरए का उपाध्यक्ष नामित किया गया है। वहीं 2025 में भारत को आईओआरए का अध्यक्ष बनाया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, दुनिया के देशों का मित्र है और हम आईओआरए के सदस्य देशों के साथ मिलकर आईओआरए की संस्थागत, आर्थिक और कानूनी रूपरेखा मजबूत करने के लिए काम करेंगे। जयशंकर ने आईओआरए को गतिशील समूह बताया। जयशंकर ने कहा कि भारत का नजरिया है कि हिंद महासागर क्षेत्र में क्षमता निर्माण और सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है।
भारत की 'पड़ोसी पहले' की नीति है। इसके तहत भारत पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। जयशंकर के अलावा 16 देशों के मंत्रियों ने भी आईओआरए की बैठक में हिस्सा लिया। इनमें बांग्लादेश, ईरान, मॉरिशस और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री भी शामिल रहे। आईओआरए की बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकॉनोमी पर सहयोग की चर्चा होगी।
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कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, दुनिया के देशों का मित्र है और हम आईओआरए के सदस्य देशों के साथ मिलकर आईओआरए की संस्थागत, आर्थिक और कानूनी रूपरेखा मजबूत करने के लिए काम करेंगे। जयशंकर ने आईओआरए को गतिशील समूह बताया। जयशंकर ने कहा कि भारत का नजरिया है कि हिंद महासागर क्षेत्र में क्षमता निर्माण और सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है।
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भारत की 'पड़ोसी पहले' की नीति है। इसके तहत भारत पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। जयशंकर के अलावा 16 देशों के मंत्रियों ने भी आईओआरए की बैठक में हिस्सा लिया। इनमें बांग्लादेश, ईरान, मॉरिशस और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री भी शामिल रहे। आईओआरए की बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकॉनोमी पर सहयोग की चर्चा होगी।
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