Russia Ukraine War: रूस में अब हो सकता है कि विदेशी कंपनियों की सारी जायदाद का राष्ट्रीयकरण
यूक्रेन पर हमले के बाद से पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इसके तहत रूस के कई प्रमुख बैंकों को अंतरराष्ट्रीय भुगतान के सिस्टम स्विफ्ट से बाहर कर देना भी है। इसके अलावा रूसी बैंकों की विदेशों में मौजूद संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है...
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रूस की सत्ताधारी पार्टी ने उन विदेशी कंपनियों का राष्ट्रीयकरण करने का सुझाव दिया है, जो मौजूदा संकट के बीच रूस से बाहर जाने का इरादा जता रही हैं। यूनाइटेड रशिया पार्टी ने कहा है कि यूक्रेन में सैनिक कार्रवाई के दौरान जो कंपनियां अपना उत्पादन रोक कर बाहर जाने की तैयारी में हैं, उनकी सारी जायदाद का राष्ट्रीयकरण कर लिया जाना चाहिए। यूनाइटेड रशिया राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी है। आम तौर पर समझा जाता है कि ये पार्टी राष्ट्रपति पुतिन की सोच को व्यक्त करती है। इसलिए इसकी तरफ से ये मांग आने के बाद विदेशी कंपनियों की संपत्ति जब्त कर लिए जाने की चर्चा गरम हो गई है।
पिछले महीने 24 तारीख को रूस ने यूक्रेन के खिलाफ ‘विशेष सैनिक कार्रवाई’ शुरू की थी। उसके बाद से दर्जनों विदेशी कंपनियों ने रूस में अपना कारोबार रोकने और यहां से बाहर जाने की घोषणा की है। ऐसा करने वाली कंपनियों की लिस्ट रोज लंबी होती गई है। इस बारे में जारी एक बयान में यूनाइटेड रशिया पार्टी की आम परिषद के सचिव आंद्रे तुरचक ने कहा कि इन कंपनियों ने रूस की पीठ में छुरा घोंपा है, इसलिए उनके खिलाफ बदले की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पीठ में छुरा नहीं घोंपने देंगे
तुरचक ने कहा- ‘यूनाइटेड रशिया पार्टी का प्रस्ताव है कि जो कंपनियां देश से बाहर जाने का एलान कर रही हैं, उनके उत्पादन का राष्ट्रीयकरण कर लिया जाए। यह एक चरमपंथी कदम होगा, लेकिन हम यह नहीं बर्दाश्त कर सकते कि कोई हमारी पीठ में छुरा घोंपे। हम अपनी जनता की रक्षा करेंगे।’ उन्होंने रूस से बाहर जाने के कंपनियों के फैसले को विशुद्ध रूप से राजनीतिक फैसला बताया और कहा कि यह रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का हिस्सा है। तुरचक ने कहा- रूस के अधिकारियों का मुख्य दायित्व यहां नौकरियों की रक्षा करना है। उनका काम यह नहीं है कि वे देश की अर्थव्यवस्था को अंदर से बर्बाद करने की कोशिश को सफल होने दें।
यूक्रेन पर हमले के बाद से पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इसके तहत रूस के कई प्रमुख बैंकों को अंतरराष्ट्रीय भुगतान के सिस्टम स्विफ्ट से बाहर कर देना भी है। इसके अलावा रूसी बैंकों की विदेशों में मौजूद संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है। रूस से कई वस्तुओं का आयात भी रोक दिया गया है। इन कदमों को देखते हुए रूस सरकार ने कई रक्षात्मक कदम उठाए हैं।
रूबल में चुकाएं कर्ज
रूस सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि रूस की संघीय, क्षेत्रीय, और स्थानीय सरकारें अब उन देशों से लिए गए कर्ज को रुबल में चुकाएंगी, जिन्होंने गैर-मित्रतापूर्ण रुख दिखाया है। यानी अब कर्ज को डॉलर में नहीं चुकाया जाएगा। साथ ही रूस की जो कंपनियां उन विदेशी कंपनियों के साथ काम करना चाहेंगी, उन्हें रूस सरकार से अनुमति लेनी होगी।
इसके पहले रूस का परिवहन मंत्रालय एयरबस और बोइंग कंपनियों के विमानों का राष्ट्रीयकरण करने पर विचार कर चुका है। यूरोपियन यूनियन ने रूसी एयरलाइनों को विमान की बिक्री और या विमानों को लीज पर देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ईयू के इसी कदम का मुकाबला करने के लिए विमानों के राष्ट्रीयकरण के बारे में सोचा गया था, लेकिन अभी ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है।