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Russia: रूस में डेढ़ दिन चला विद्रोह खत्म; अब वैगनर समूह का क्या होगा, इसका यूक्रेन युद्ध पर कितना असर?

Mon, 26 Jun 2023 02:54 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 26 Jun 2023 02:54 PM IST
सार

रूस की निजी सेना वैगनर समूह के मुखिया प्रिगोझिन ने शुक्रवार को दावा किया था कि वह और उसके सैनिक दक्षिणी रूसी शहर रोस्तोव में प्रवेश कर गए हैं और सैन्य स्थलों पर नियंत्रण कर लिया है। इसके बाद निजी सेना ने मॉस्को पर मार्च करने की धमकी दी थी, लेकिन फिर प्रिगोझिन ने अचानक अपने कदम वापस खींचने का एलान कर दिया।

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Russia: The rebellion in Russia ended, will it affect the ukraine war and next for the Wagner group
वैगनर - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

रूस में डेढ़ दिन चला विद्रोह खत्म हो गया है। यह बगावत रूस की निजी सेना वैगनर ने की थी। वैगनर समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने अपने सैनिकों को मॉस्को तक अपना मार्च रोकने और यूक्रेन में अपने फील्ड शिविरों में लौटने का आदेश दिया है। प्रिगोझिन बेलारूस के लिए रवाना होगा। क्रेमलिन ने कहा कि रक्तपात, आंतरिक टकराव और अप्रत्याशित परिणामों वाले संघर्ष से बचना सबसे बड़ा लक्ष्य था।
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हालांकि, इस विद्रोह ने रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के ताकतवर व अजेय होने के मिथक को तोड़ दिया है। इसके साथ ही इसने यूक्रेन में जंग छेड़ने की उनकी क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जानना जरूरी है कि रूस में आखिर क्या हुआ? विद्रोह कैसे शुरू हुआ? पुतिन ने कैसे जवाब दिया? वैगनर के पास अब क्या विकल्प हैं? क्या विद्रोह का यूक्रेन युद्ध पर असर पड़ सकता है?
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Russia: The rebellion in Russia ended, will it affect the ukraine war and next for the Wagner group
रूस के मददगार वैगनर ग्रुप ने उसके खिलाफ ही जंग छेड़ी - फोटो : अमर उजाला
रूस में आखिर क्या हुआ?
रूस की निजी सेना वैगनर समूह के मुखिया प्रिगोझिन ने शुक्रवार देर रात से शनिवार तक कई संदेश जारी किए। इसमें प्रिगोझिन ने दावा किया कि वह और उसके सैनिक दक्षिणी रूसी शहर रोस्तोव में प्रवेश कर गए हैं और सैन्य स्थलों पर नियंत्रण कर लिया है। इसके बाद निजी सेना ने मॉस्को पर मार्च करने की धमकी दी थी, लेकिन फिर प्रिगोझिन ने अचानक अपने कदम वापस खींचने का एलान कर दिया।

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वैगनर ग्रुप ने रूसी शहर पर किया कब्जा था - फोटो : सोशल मीडिया
विद्रोह कैसे शुरू हुआ?
दरअसल, कई महीनों से रूसी सेना के शीर्ष अधिकारियों और प्रिगोझिन के बीच सत्ता संघर्ष चल रहा है। प्रिगोझिन पूर्वी यूक्रेन में अपने सैनिकों की मौत के लिए रूसी सेना को जिम्मेदार ठहरा रहे है। उसने बार-बार उन पर अपनी निजी सेना को पर्याप्त रूप से सुसज्जित करने में विफल रहने और वैगनर द्वारा जीती गई जीतों को अपनी सफलता का दावा करने का आरोप लगाया है।

शुक्रवार को प्रिगोझिन का गुस्सा खुलकर सामने आया, जब उसने मॉस्को के सैन्य नेतृत्व पर वैगनर शिविरों पर हमले का आदेश देने का आरोप लगाया। वैगनर मुखिया ने कहा कि उन्हें रोकना होगा और अंजाम तक पहुंचाने की धमकी दी। बाद में उसने दावा किया कि उनकी सेना ने एक रूसी सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। 

कुछ घंटों बाद प्रिगोझिन ने कहा कि दक्षिणी रूस के रोस्तोव में उनके सैन्य स्थल कब्जे में हैं। कथित तौर पर निजी सैन्य बल राजधानी मॉस्को से लगभग 420 किलोमीटर दूर लिपेत्स्क क्षेत्र तक आगे आ गए, लेकिन अचानक प्रिगोझिन ने घोषणा की कि रक्तपात से बचने के लिए उसके सैनिक वापस लौट रहे हैं। उसके लड़ाके भी रोस्तोव से हटने लगे।
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पुतिन और प्रिगोझिन। - फोटो : Social Media
पुतिन ने कैसी प्रतिक्रिया दी?
पुतिन ने वैगनर विद्रोह को रूस के लिए घातक खतरा बताया है और देश से एकजुट होने का आग्रह किया है। शनिवार की सुबह राष्ट्र को दिए एक सम्बोधन में पुतिन ने देशद्रोह की राह पर चलने वालों को दंडित करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि वैगनर का विश्वासघात हमारे देश और हमारे लोगों की पीठ में छुरा घोंपना था। उन्होंने समूह के कार्यों की तुलना 1917 की रूसी क्रांति से की, जिसने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जार निकोलस द्वितीय को उखाड़ फेंका था। उधर, मॉस्को और रोस्तोव और लिपेत्स्क जैसे कई क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और राजधानी के दक्षिण में कलुगा क्षेत्र में यात्रा प्रतिबंध लगा दिए गए।

इस बीच पुतिन ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन और कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेताओं के साथ टेलीफोन पर बातचीत भी की। इसके साथ ही उन्होंने अपने सहयोगी, बेलारूस के नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको को भी फोन किया। लुकाशेंको ने बाद में घोषणा की कि उन्होंने वैगनर सेना के आंदोलन को रोकने और तनाव को कम करने के लिए प्रिगोझिन के साथ एक समझौते पर बातचीत की है। वैगनर की घोषणा के बाद पुतिन ने लुकाशेंको को धन्यवाद दिया। 

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वैगनर सेना। - फोटो : Social Media
वैगनर के पास अब क्या विकल्प हैं?
लुकाशेंको की मध्यस्थता में हुए समझौते के तहत क्रेमलिन ने कहा कि प्रिगोझिन बेलारूस के लिए रवाना होंगे। क्रेमलिन ने कहा कि प्रिगोझिन के अर्धसैनिक बलों के सदस्य, जो सशस्त्र विद्रोह में शामिल हुए थे, उन पर मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। पेसकोव ने कहा, 'हमने हमेशा मोर्चे पर उनके वीरतापूर्ण कार्यों का सम्मान किया है।'

उन्होंने कहा, 'एक समझौता हुआ है कि वैगनर अपने ठिकानों पर लौट आएगा। उन्होंने कहा कि जिन लड़ाकों ने विद्रोह में भाग नहीं लिया था, उन्हें औपचारिक रूप से रूसी सेना में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।'

हालांकि, सरकारी समाचार एजेंसियों ने सोमवार को कहा कि शीर्ष रूसी सैन्य नेताओं और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह में वैगनर समूह का नेतृत्व करने के लिए प्रिगोझिन की जांच चल रही है। तीन राष्ट्रीय एजेंसियों ने अभियोजक कार्यालय में सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि प्रिगोझिन के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं हटाया गया है।

रूसी अखबार कोमर्सेंट अखबार ने भी कहा कि मामला बंद नहीं हुआ है और संघीय सुरक्षा सेवा या एफएसबी अपनी जांच जारी रख रही है। इसने एक सूत्र का हवाला देते हुए कहा कि मामले को बंद करने के लिए उचित समय नहीं है।

वहीं विशेषज्ञों की मानें तो वैगनर समूह रूसी सेना की तुलना में अलग परिस्थितियों वाली एक स्वतंत्र लड़ाकू कंपनी है। उदाहरण के लिए, वैगनर सेनानियों को सेना की तुलना में बेहतर भोजन दिया जाता है, जिसका अर्थ है कि पूरी तरह विलय करना करना मुश्किल होगा। विशेषज्ञ कहते हैं, 'हो सकता है कि कुछ टुकड़े बिखर जाएं। वे लोग उस व्यक्ति प्रिगोझिन के प्रति वफादार हैं, न कि देश के प्रति, न कि लक्ष्य के प्रति।'

अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैगनर बॉस के लिए भी खतरा टला नहीं है। पुतिन गद्दारों को माफ नहीं करते। भले ही पुतिन कहते हैं। वहीं दूसरे नजरिए से देखें तो जब तक प्रिगोझिन को किसी भी प्रकार का समर्थन प्राप्त है, वह रूस के लिए एक खतरा है, चाहे वह कहीं भी हों।

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रूस-यूक्रेन युद्ध - फोटो : PTI
इसका यूक्रेन युद्ध पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
वैगनर विद्रोह पुतिन के लंबे शासन के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती थी। यह 1999 में उनके सत्ता में आने के बाद से रूस के सबसे गंभीर सुरक्षा संकट के रूप में सामने आया। इसने रूसी सेना को यूक्रेन में युद्ध के मैदान से दूर करने को मजबूर किया। वह भी ऐसे समय में जब कीव की जवाबी कार्रवाई जारी है। यूक्रेन अपने क्षेत्र पर वापस कब्जा करने के लिए कार्रवाई कर रहा है। रूस में विद्रोह के बीच यूक्रेनी सेनाओं ने अपने पूर्वी मोर्चे पर कई नए हमले शुरू किए। यूक्रेन के उप रक्षा मंत्री गन्ना मलयार ने कहा कि उसकी सेना ने कई शहरों के पास रूसी सीमाओं पर हमला किया और सभी दिशाओं में आगे बढ़े हैं।

राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन संभवतः बहुत डरे हुए हैं और शायद कहीं छिपे हुए हैं। उन्होंने पश्चिमी सहयोगियों से रक्षा के लिए आवश्यक सभी हथियार उपलब्ध कराने का आह्वान भी तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कीव को एफ-16 फाइटर जेट और आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम की जरूरत है।
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