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Russia: पुतिन का पांचवीं बार राष्ट्रपति चुना जाना तय, 2036 तक रह सकता है कार्यकाल; पढ़ें पूरी खबर
Mon, 18 Mar 2024 01:32 AM IST
जलज मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: जलज मिश्रा
Updated Mon, 18 Mar 2024 01:32 AM IST
सार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पद की दौड़ के लिए शुरुआत में 33 लोगों ने दावेदारी की थी लेकिन 15 लोग ही आवश्यक दस्तावेज जमा कर पाए। हालांकि, एक जनवरी को दस्तावेज जमा करने की अंतिम समय सीमा तक 11 उम्मीदवार ही राष्ट्रपति पद की दौड़ के लिए बचे। अंत में चार ही उम्मीदवार राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में आ पाए।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (फाइल)
- फोटो : ANI
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विस्तार
रूस में आम चुनाव खत्म हो गए हैं। अब उम्मीद जताई जा रही है कि व्लादिमीर पुतिन एक बार फिर राष्ट्रपति बनेंगे। रूसी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती रुझानों से साफ है कि पुतिन को लगभग 88% वोट मिलने की संभावना है। रूसी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एग्जिट पोल से पता चलता है कि पुतिन ने रूसी राष्ट्रपति के रूप में एक और छह साल का कार्यकाल हासिल कर लिया है। गौरतलब है कि पुतिन पर अकसर आरोप लगते रहते हैं कि वे विपक्ष को दबा रहे हैं। बता दें, रूस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए केवल तीन अन्य सांकेतिक लोगों को मौका मिला। वहीं, जिसने भी यूक्रेन युद्ध का विरोध किया, उसे चुनाव में खड़ा ही नहीं होने दिया गया।
भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि भारत में रूसी राष्ट्रपति चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गए। भारत में 1701 लोगों ने अपने मतदान का उपयोग किया है।
31 दिसंबर, 1999 को बोरिस येल्तसिन ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पुतिन कार्यवाहक राष्ट्रपति बने। मार्च, 2000 में पुतिन पहला चुनाव जीते। 2004 में पुतिन दूसरी बार राष्ट्रपति चुने गए। संविधान के अनुसार कोई लगातार दो बार से अधिक समय तक राष्ट्रपति नहीं रह सकता। ऐसे में 2008 में पुतिन को पद छोड़ना पड़ा। पुतिन ने दिमित्री मेदवेदेव को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और खुद प्रधानमंत्री बन गए। मेदवेदेव सरकार ने संविधान संशोधन कर राष्ट्रपति का कार्यकाल चार की बजाय 6 साल का कर दिया। इसके बाद पुतिन 2012 में तीसरी व 2018 में चौथी बार राष्ट्रपति बने। इस बीच, जुलाई 2020 में पुतिन एक विवादास्पद संविधान संशोधन लेकर आए, जिसने उनके 2036 तक राष्ट्रपति बने रहने का मार्ग प्रशस्त कर दिया।
कट्टर विपक्षी नवलनी की मौत
पुतिन के कट्टर विरोधी एलेक्सी नवलनी की हाल ही में 47 वर्ष की आयु में मॉस्को से लगभग 1900 किमी उत्तर-पूर्व में आर्कटिक सर्कल के उत्तर में एक शहर खारप में आईके -3 अधिकतम सुरक्षा जेल कॉलोनी में मृत्यु हो गई। उन्हें उग्रवाद के आरोपों पर 19 साल की सजा मिली थी। उनकी मृत्यु के तीन दिन बाद भी उनके परिवार को उनका शव देखने की इजाजत नहीं दी गई है। उनके शव को रासायनिक जांच के लिए भेजा गया है और इस वजह से उनके परिजनों को शव के लिए 14 दिन का इंतजार करना पड़ेगा। नवलनी की मौत की खबर सुनकर हजारों की संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि भी दी है।
यह हैं राष्ट्रपति पद के दावेदर
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भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि भारत में रूसी राष्ट्रपति चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गए। भारत में 1701 लोगों ने अपने मतदान का उपयोग किया है।
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2036 तक रह सकते हैं राष्ट्रपति#WATCH | Russia’s Ambassador to India Denis Alipov’s statement on the outcomes of the Russian Presidential Election held in India.
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He says, “The Russian Presidential Election in India has come to a successful conclusion. The total votes cast are 1701.”
Source: 'X' Handle of… pic.twitter.com/AjqcHy39cs — ANI (@ANI) March 17, 2024
31 दिसंबर, 1999 को बोरिस येल्तसिन ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पुतिन कार्यवाहक राष्ट्रपति बने। मार्च, 2000 में पुतिन पहला चुनाव जीते। 2004 में पुतिन दूसरी बार राष्ट्रपति चुने गए। संविधान के अनुसार कोई लगातार दो बार से अधिक समय तक राष्ट्रपति नहीं रह सकता। ऐसे में 2008 में पुतिन को पद छोड़ना पड़ा। पुतिन ने दिमित्री मेदवेदेव को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और खुद प्रधानमंत्री बन गए। मेदवेदेव सरकार ने संविधान संशोधन कर राष्ट्रपति का कार्यकाल चार की बजाय 6 साल का कर दिया। इसके बाद पुतिन 2012 में तीसरी व 2018 में चौथी बार राष्ट्रपति बने। इस बीच, जुलाई 2020 में पुतिन एक विवादास्पद संविधान संशोधन लेकर आए, जिसने उनके 2036 तक राष्ट्रपति बने रहने का मार्ग प्रशस्त कर दिया।
कट्टर विपक्षी नवलनी की मौत
पुतिन के कट्टर विरोधी एलेक्सी नवलनी की हाल ही में 47 वर्ष की आयु में मॉस्को से लगभग 1900 किमी उत्तर-पूर्व में आर्कटिक सर्कल के उत्तर में एक शहर खारप में आईके -3 अधिकतम सुरक्षा जेल कॉलोनी में मृत्यु हो गई। उन्हें उग्रवाद के आरोपों पर 19 साल की सजा मिली थी। उनकी मृत्यु के तीन दिन बाद भी उनके परिवार को उनका शव देखने की इजाजत नहीं दी गई है। उनके शव को रासायनिक जांच के लिए भेजा गया है और इस वजह से उनके परिजनों को शव के लिए 14 दिन का इंतजार करना पड़ेगा। नवलनी की मौत की खबर सुनकर हजारों की संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि भी दी है।
यह हैं राष्ट्रपति पद के दावेदर
- निवर्तमान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- व्लादिस्लाव दावानकोव
- लियोनिद स्लटस्की
- निकोले खारितोनोव