Ukraine War: रूस ने तेज किए हमले, युद्ध में शामिल होने वाले विदेशी नागरिकों को नागरिकता देने का किया एलान
जपोरीजिया के गवर्नर ओलेक्जेंडर स्तारुख के मुताबिक, डेनिपर नदी के किनारे बसे शहर में रूसी सेना ने मिसाइल हमला किया, जिसमें एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है और एक व्यक्ति की मौत भी हुई है।
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यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में जनमत संग्रह के बीच रूसी सेना ने हमले तेज कर दिए हैं। रूसी सेना यूक्रेन के कई शहरों को निशाना बनाया है। इन हमलों का मकसद यूक्रेन की ढांचागत सुविधाओं को नुकसान पहुंचाना है। इस बीच रूस ने शनिवार को बड़ा फैसला लिया। रूस ने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में शामिल होने वाले विदेशी नागरिकों को वह अपने देश की नागरिकता देगा। इसके साथ ही रूस ने जंग के बीच में आत्मसमर्पण करने वाले जवानों और लड़ने से इनकार करने वालों के लिए सजा और कड़ी कर दी है। इससे यह सवाल भी उठ हैं कि क्या रूसी सेना के पास जवानों की कमी हो गई है?
वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राषट्रपति जो बाइडन ने रूसी जनमत संग्रह को जालसाजी करार दिया है। बाइडन ने कहा कि अमेरिका इसे कभी मान्यता नहीं देगा। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी को लेकर उन्होंने कहा कि अगर उसने धमकी देना बंद न किया और ज्यादा सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
रूसी सेना का यूक्रेन के लुहांस्क, जपोरिजिया, दोनेत्सक और खेरसान के इलाकों पर कब्जा है, जहां वह कथित जनमत संग्रह करा रहा है। जपोरीजिया के गवर्नर ओलेक्जेंडर स्तारुख के मुताबिक, डेनिपर नदी के किनारे बसे शहर में रूसी सेना ने मिसाइल हमला किया, जिसमें एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है और एक व्यक्ति की मौत भी हुई है।
इस बीच ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने भी दावा किया है कि रूसी सेना ने सिवर्सक्यी डोनेट्स नदी पर बने पेचेनिही बांध को निशाना बनाया है। रूसी सेना ने इसस पहले क्रिवी रिह नदी पर बने बांध पर हमला किया था। इस हमले के कारण नजदीकी इलाकों में बाढ़ आ गई थी।
इसी महीने खारकीव समेत कई महत्वपूर्ण इलाके फिर से यूक्रेन के हाथों में जाने के बाद रूसी सेना के हमलों की संख्या बढ़ी है। कब्जे वाले चार हिस्सों में अभी कथित जनमत संग्रह चल रहा है। लोगों से रूस में शामिल होने की राय मांगी जा रही है। यह जनमत संग्रह 23 सितंबर को शुरू हुआ था और 27 सितंबर तक चलेगा।