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'कठिनाइयों का सामना कर रहे ट्रंप': जेलेंस्की-नाटो का नाम लेकर रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति को घेरा, कही ये बात

Sun, 09 Nov 2025 07:05 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 09 Nov 2025 07:05 PM IST
सार

रूसी विदेश मंत्री ने कहा, “जहां तक हम जानते हैं, ब्रसेल्स और लंदन अब वॉशिंगटन को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि संकट को राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाने की मंशा को त्याग दे और रूस पर सैन्य दबाव डालने की कोशिशों में पूरी तरह से शामिल हो जाए।" 

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Russia Donald Trump facing headwinds in convincing Zelenskyy, NATO allies for peaceful settlement with Ukraine
सर्गेई लावरोव, रूसी विदेश मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने रविवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों में वोलोदिमिर जेलेंस्की और नाटो सहयोगियों को मनाने में विपरीत परिस्थितियां झेलनी पड़ रही हैं। लावरोव की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप के बीच हंगरी में होने वाली एक संभावित शिखर वार्ता के प्रयास असफल रहे। यह वार्ता 15 अगस्त को अलास्का के एंकोरेज में दोनों नेताओं की बैठक के बाद आगे बढ़ने वाली थी, लेकिन यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने पर कोई समझौता नहीं हो सका था।
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लावरोव ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को दिए इंटरव्यू में कहा, “अमेरिकियों ने तब (एंकोरेज शिखर बैठक के दौरान) हमें आश्वासन दिया था कि वे सुनिश्चित करेंगे कि जेलेंस्की शांति की दिशा में बाधा नहीं डालेंगे। जाहिर है, इस मुद्दे पर कुछ कठिनाइयां पैदा हो गई हैं।”
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उन्होंने आगे कहा, “जहां तक हम जानते हैं, ब्रसेल्स और लंदन अब वॉशिंगटन को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि संकट को राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाने की मंशा को त्याग दे और रूस पर सैन्य दबाव डालने की कोशिशों में पूरी तरह से शामिल हो जाए। यानी संघर्ष समर्थक दल का हिस्सा बन जाएं।”

लावरोव ने यह भी कहा कि एंकोरेज सम्मेलन में हुए समझौते के बावजूद, मॉस्को अपने बुनियादी सिद्धांतों पर कायम है। रूस की क्षेत्रीय अखंडता और क्रीमिया, डोनबास व नोवोरोसिया के निवासियों की पसंद पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “हम अब अमेरिका से इस बात की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि एंकोरेज समझौते अभी भी प्रभावी हैं।” पुतिन कई बार यह कह चुके हैं कि रूस सिर्फ दीर्घकालिक समाधान का समर्थन करता है, न कि अस्थायी युद्धविराम का। उनका मानना है कि ऐसा समाधान तभी संभव है जब संघर्ष के मूल कारणों का समाधान किया जाए।
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इसी बीच, रूसी सेना ने यूक्रेन में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहरों पोक्रोव्स्क (क्रास्नोआर्मेइस्क) और कुपियांस्क पर कब्जा करने की कोशिशें तेज कर दी हैं, जहां लगभग 10,000 यूक्रेनी सैनिक और नाटो सलाहकार घिरे हुए हैं।

ब्रिटेन ने बेल्जियम भेजे सैन्य उपकरण और विशेषज्ञ
ब्रिटेन ने बेल्जियम के हवाई अड्डों के पास ड्रोन देखे जाने की घटनाओं के बाद वहां सैन्य विशेषज्ञों और सैन्य उपकरणों को भेजा है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ब्रसेल्स के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और यूरोप के सबसे बड़े कार्गो केंद्रों में से एक- लीज हवाई अड्डे को ड्रोन देखे जाने की वजह से अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। यह घटनाएं उस समय हुईं जब अमेरिकी परमाणु हथियारों वाले एक सैन्य अड्डे के पास भी अज्ञात ड्रोन उड़ानें देखी गईं।

ब्रिटेन की सशस्त्र सेनाओं के प्रमुख एयर चीफ मार्शल रिचर्ड नाइटन ने बीबीसी से कहा कि बेल्जियम के अनुरोध पर ब्रिटेन ने अपने लोग और उपकरण बेल्जियम भेजने का फैसला किया है ताकि हम उनकी मदद कर सकें। उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता, और बेल्जियम को भी अभी तक पता नहीं है कि ये ड्रोन कहां से आ रहे हैं, लेकिन हम अपनी तकनीकी क्षमता और उपकरणों के साथ उनकी सहायता कर रहे हैं। यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।”

हाल के महीनों में यूरोप के कई देशों में ड्रोन की घटनाओं के कारण हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। कुछ मामलों में रूस पर संदेह जताया गया है, लेकिन बेल्जियम ने अभी तक यह नहीं बताया है कि इन ड्रोन को कौन संचालित कर रहा है।

बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने कहा कि उन्हें लगता है कि इनमें से कुछ घटनाएं “जासूसी अभियान” का हिस्सा हैं, जिन्हें शौकिया लोग नहीं चला सकते।

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