{"_id":"5f4cad8a8ebc3e1763539279","slug":"russia-developed-a-device-called-chemistry-bio-which-can-detect-corona-virus-in-the-air","type":"story","status":"publish","title_hn":"हवा में ही कोरोना वायरस का पता लगाएगी ये डिवाइस, रूस ने किया तैयार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
हवा में ही कोरोना वायरस का पता लगाएगी ये डिवाइस, रूस ने किया तैयार
Mon, 31 Aug 2020 01:28 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 31 Aug 2020 01:28 PM IST
विज्ञापन
रूस ने हवा में कोरोना की पहचान करने वाली डिवाइस बनाई
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रूस ने कोरोना वायरस की उपस्थिति को आसानी से पकड़ने के लिए एक डिवाइस बनाई है, जो हवा में ही कोरोना वायरस के होने की जानकारी दी सकती है। यह डिवाइस केवल कोरोना वायरस ही नहीं बल्कि बैक्टीरिया, जहरीले पदार्थ और कई खतरनाक वायरस की उपस्थिति देने में सक्षम है।
विज्ञापन
रूसी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ये डिवाइस हवा में ही कोरोना वायरस की उपस्थिति का पता लगा सकती है। इस डिवाइस को रूस के केएमजे फैक्ट्री ने रक्षा मंत्रालय और कोरोना वैक्सीन बनाने वाली गामालेया इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर बनाई है। रूस ने इस डिवाइस का नाम केमिस्ट्री बायो रखा है और इसे सैन्य औद्योगिक मंच 2020 में दिखाया गया था।
विज्ञापन
यह कोई जेब में रखने वाली डिवाइस नहीं है बल्कि एक फ्रिज की तरह दिखाई पड़ती है, इसके आकार को लेयर केक डिजाइन में तैयार किया गया है। इसमें हर लेयर यानि कि परत अपना परीक्षण खुद से करता है, ये प्रभावी रूप से छोटी-छोटी प्रयोगशालाओं की श्रृंखला होती है।
विज्ञापन
मिनी प्रयोगशाला की श्रृंखला कोरोना वायरस की मौजूदगी का पता लगाने में सक्षम है। अपने परिणाम की सटीक जांच के लिए आस-पास की हवा का दो बार परीक्षण करती है। यह डिवाइस पहले चरण में केवल 10-15 सेकेंड में ही हवा में उपस्थि किसी भी वायरस, कोरोना वायरस या जहरीले पदार्थ की मौजदूगी का पता लगा सकती है।
हालांकि पहले चरण में शुरुआती स्तर पर यह विशिष्ट रोगजनक कारणों का पता नहीं लगा सकता। दूसरे चरण में एक या दो घंटे का समय लगता है, जिसमें यह डिवाइस पता लगाती है कि हवा में कौन सा सूक्ष्म जीव या वायरस मौजूद है। इस उपकरण को मेट्रो, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों जैसे सार्वजनिक जगहों पर लगाने पर विचार किया जा रहा है।
रूस की दूसरी वैक्सीन बेहतर - पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस की और से बनाई गई कोरोना वायरस की दूसरी वैक्सीन को बहुत बढ़िया बताया है। पुतिन ने कहा कि रूस की दूसरी EpiVacCorona की तुलना पहली वैक्सीन से है। इससे पहले रूस ने अपनी पहली कोरोना वैक्सीन के तीनों चरणों के परीक्षण को सफल बताकर उसे पहली कोरोना वैक्सीन घोषित कर दिया था।
हालांकि दुनिया के ज्यादातर देश और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वैक्सीन को मंजूरी नहीं दी है।