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Russia Ukraine War: यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने रोकी पोलैंड और बुल्गारिया को गैस की आपूर्ति, यूरोपीय देशों ने लगाया ब्लैकमेल का आरोप

Thu, 28 Apr 2022 04:04 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वारसॉ/सोफिया/कीव।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वारसॉ/सोफिया/कीव। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 28 Apr 2022 04:04 AM IST
सार

रूस का यह कदम यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं पर सीधा हमला माना जा रहा है। रूसी ऊर्जा कंपनी गजप्रोम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उसे एक अप्रैल के बाद से पोलैंड और बुल्गारिया की ओर से कोई भुगतान नहीं मिला है और वह बुधवार से इन देशों को गैस की आपूर्ति रोक रही है, जैसा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक डिक्री में निर्धारित किया गया था।

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Russia decision to halt gas supplies to Poland and Bulgaria European Union leaders denounced as Blackmail
रूस ने पोलैंड और बुल्गारिया को रोकी गजप्रोम की गैस आपूर्ति। - फोटो : वीडिया स्क्रीन ग्रैब

विस्तार

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रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के 63वें दिन बुधवार को रूस ने पोलैंड और बुल्गारिया को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बंद कर दी। रूस ने यह कदम दोनों देशों द्वारा प्राकृतिक गैस के लिए रूबल में भुगतान करने से इनकार करने के बाद उठाया। पोलैंड और बुल्गारिया के नेताओं ने रूस पर प्राकृतिक गैस के जरिये ‘ब्लैकमेल’ करने का आरोप लगाया है।

रूस का यह कदम यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं पर सीधा हमला माना जा रहा है। गैस आपूर्ति रोकने की घोषणा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बयान के बाद की गई जिसमें उन्होंने कहा था कि गैर-मित्र देशों को रूस की मुद्रा रूबल में गैस के लिए भुगतान करना होगा, लेकिन बुल्गारिया और पोलैंड ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।

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रूसी ऊर्जा कंपनी गजप्रोम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उसे एक अप्रैल के बाद से पोलैंड और बुल्गारिया की ओर से कोई भुगतान नहीं मिला है और वह बुधवार से इन देशों को गैस की आपूर्ति रोक रही है, जैसा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक डिक्री में निर्धारित किया गया था। इसका उद्देश्य रूसी अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करना है। कंपनी ने कहा कि अगर ये देश दूसरे यूरोपीय उपभोक्ताओं को दी जाने वाली गैस लेना चाहते हैं तो उतनी मात्रा यूरोप को दी जाने वाली गैस से कम कर दी जाएगी।
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पोलैंड गैस कटौती से नहीं डरेगा: मोराविएकी
पोलैंड के प्रधानमंत्री माटुस्ज मोराविएकी ने बुधवार को पोलैंड की संसद में कहा कि उनका मानना है कि यह कार्रवाई रूस के खिलाफ वारसॉ द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों का बदला है। मोराविएकी ने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि पोलैंड गैस कटौती से नहीं डरेगा। उन्होंने कहा कि अन्य देशों से गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के वर्षों के प्रयासों की बदौलत देश ऊर्जा संकट से सुरक्षित है। इसके बाद सांसदों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। पोलैंड ने मंगलवार को कई रूसी कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें ऊर्जा दिग्गज कंपनी गजप्रोम भी शामिल है।

इसके बाद पोलैंड ने कहा कि उसे नोटिस मिला कि रूसी मुद्रा रूबल में भुगतान करने की मांग का पालन करने में विफल रहने के कारण गजप्रोम अपनी गैस आपूर्ति रोकने जा रहा है। पोलैंड की गैस कंपनी पीजीएनआईजी ने कहा कि यमाल पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति बुधवार तड़के बंद हो गई, क्योंकि गजप्रोम ने चेतावनी दी थी कि वह ऐसा करेगी।

गैस आपूर्ति रोकने से पहले तक पोलैंड के कुल गैस उपयोग का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा रूस से मिलता था। लेकिन पोलैंड के लोग घरों को गर्म रखने और ईंधन के लिए कोयले पर अधिक निर्भर हैं। पोलैंड में कुल ऊर्जा में गैस का योगदान केवल सात फीसदी है। पोलैंड को गैस की रूसी आपूर्ति पहले से ही इस साल के अंत तक समाप्त होने की उम्मीद थी। कई साल पहले पोलैंड ने बाल्टिक सागर तट पर तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के लिए अपना पहला टर्मिनल खोला था। इसके अलावा नॉर्वे से एक पाइपलाइन के लिए इस साल काम शुरू करने वाली है।

हम इस तरह के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे: किरिल 
वहीं, बुल्गारिया ने मंगलवार को कहा था कि गजप्रोम द्वारा उसे भी सूचित किया गया था कि गैस की आपूर्ति रोक दी जाएगी। बुल्गारिया के प्रधानमंत्री किरिल पेटकोव ने गजप्रोम द्वारा गैस आपूर्ति निलंबित करने को अनुबंध का घोर उल्लंघन और ब्लैकमेल करार दिया। किरिल ने कहा, हम इस तरह के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। यूरोपीय नेताओं ने रूस के इस कदम को ब्लैकमेल करार देते हुए निंदा की है।

रूस के इस कदम ने चिंता बढ़ा दी है कि अन्य यूरोपीय देशों को अगला निशाना बनाया जा सकता है। गौरतलब है कि यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों ने यूक्रेन के लिए अपना समर्थन बढ़ा दिया है। रूस यूक्रेन पर हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध झेल रहा है। उधर पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को पूर्व में एक नए रूसी हमले को रोकने में मदद करने के लिए हथियारों के शिपमेंट में तेजी ला दी है।


गजप्रोम की घोषणा रूस द्वारा ब्लैकमेल करने का जरिया: उर्सुला 
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि गजप्रोम की घोषणा रूस द्वारा गैस को ब्लैकमेल करने का जरिया बनाने का एक और प्रयास है।

पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने रूस के इस कृत्य को ‘ऊर्जा आपूर्ति’ को हथियार बनाने वाला कदम करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘रूस के इस निर्णय से, यह अधिक स्पष्ट हो गया है कि यूरोप को रूसी ऊर्जा पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है।’’

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