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Russia: पुतिन की यात्रा से पहले रूस ने दिए बड़े संकेत, पेस्कोव बोले- S-400 और Su-57 की पेशकश चर्चा में शामिल
Tue, 02 Dec 2025 08:43 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 02 Dec 2025 08:43 PM IST
सार
Dimitry Peskov Statement: रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा से पहले क्रेमलिन ने साफ कर दिया है कि एस-400 और एसयू-57 पर बड़ी चर्चा होगी। रूस भारत को फिफ्थ जनरेशन तकनीक, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट प्रोडक्शन का प्रस्ताव दे रहा है।
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क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव।
- फोटो : ANI
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विस्तार
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की 4 से 5 दिसंबर तक होने वाली भारत यात्रा से पहले मॉस्को ने साफ संकेत दे दिया है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग एक बड़ी छलांग लेने वाला है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि भारत को अतिरिक्त S-400 मिसाइल सिस्टम और Su-57 फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ लड़ाकू विमान की पेशकश चर्चा के प्रमुख एजेंडे में शामिल होगी। साथ ही रूस ने हाल के दिल्ली ब्लास्ट की निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत दोहराई है।
पेस्कोव ने बताया कि भारत और रूस के बीच मौजूद रक्षा सहयोग वर्षों से मजबूत रहा है और भारतीय सैन्य बेड़े का 36 प्रतिशत हिस्सा रूसी हथियारों पर निर्भर करता है। ऐसे में पुतिन की भारत यात्रा दोनों देशों को रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि Su-57 दुनिया का श्रेष्ठतम लड़ाकू विमान है और इसे भारत को उपलब्ध कराने पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही भारत-रूस के संयुक्त ब्रह्मोस प्रोजेक्ट को उदाहरण बताते हुए उन्होंने हाई-टेक्नोलॉजी साझा करने की इच्छाशक्ति भी जताई।
S-400 और Su-57 पर बड़ा प्रस्ताव
दुबई एयर शो 2025 में रूसी हथियार निर्यातक रोसोबोरोनएक्सपोर्ट ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह भारत को Su-57 विमान देने के लिए न सिर्फ तैयार है, बल्कि स्टेप-वाइज टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और भारत में उत्पादन की राह भी खोलेगा। इस प्रस्ताव में फिफ्थ जनरेशन तकनीक, इंजन, ऑप्टिक्स, एईएसए रडार, एआई सिस्टम और कम सिग्नेचर तकनीक जैसे अहम पहलू शामिल हैं। रूस ने दो-सीटर Su-57E या FGFA संस्करण में संयुक्त विकास का विकल्प भी पेश किया है, जिससे दोनों देशों के बीच एयरोस्पेस सहयोग और गहरा हो सकता है।
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ये भी पढ़ें- अमेरिका की श्रम-शक्ति पर बढ़ता खतरा, फोर्ड सीईओ ने कहा- चीन से तुलना करें तो हम बहुत बड़ी मुश्किल में हैं
परमाणु ऊर्जा में भी होगी अहम बातचीत
रूस ने संकेत दिया है कि पुतिन की यात्रा के दौरान भारत-रूस के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग को लेकर एक नए समझौते पर भी चर्चा हो सकती है। पेस्कोव ने बताया कि रूस छोटे और लचीले परमाणु रिएक्टरों की अत्याधुनिक तकनीक साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि रूस पहले से ही भारत के कुडनकुलम प्रोजेक्ट में प्रमुख भूमिका निभा चुका है और आशा है कि यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा। दोनों देशों के बीच पारस्परिक निवेश भी इस साझेदारी को मजबूत बनाते हैं।
आतंकवाद से मिलकर लड़ने की अपील
क्रेमलिन ने हाल के दिल्ली ब्लास्ट की कड़ी निंदा की और इसे आतंकवाद की गंभीर चुनौती बताया। पेस्कोव ने कहा कि रूस स्वयं आतंकवाद का दर्द झेल चुका है और भारत भी कई बार इससे प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने का एकमात्र रास्ता अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाना है। रूस ने भारत के साथ इस लड़ाई में संपूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
पुतिन-मोदी की बैठक पर नजर
राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत यात्रा पर आ रहे हैं। दोनों नेता 23वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां रक्षा सहयोग, ऊर्जा, परमाणु तकनीक, निवेश और वैश्विक सुरक्षा पर गहन चर्चा होगी। पुतिन की इस यात्रा से पहले ही मास्को की ओर से दिए जा रहे संकेत बताते हैं कि भारत-रूस संबंध आने वाले समय में और मजबूत होने वाले हैं।
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पेस्कोव ने बताया कि भारत और रूस के बीच मौजूद रक्षा सहयोग वर्षों से मजबूत रहा है और भारतीय सैन्य बेड़े का 36 प्रतिशत हिस्सा रूसी हथियारों पर निर्भर करता है। ऐसे में पुतिन की भारत यात्रा दोनों देशों को रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि Su-57 दुनिया का श्रेष्ठतम लड़ाकू विमान है और इसे भारत को उपलब्ध कराने पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही भारत-रूस के संयुक्त ब्रह्मोस प्रोजेक्ट को उदाहरण बताते हुए उन्होंने हाई-टेक्नोलॉजी साझा करने की इच्छाशक्ति भी जताई।
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S-400 और Su-57 पर बड़ा प्रस्ताव
दुबई एयर शो 2025 में रूसी हथियार निर्यातक रोसोबोरोनएक्सपोर्ट ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह भारत को Su-57 विमान देने के लिए न सिर्फ तैयार है, बल्कि स्टेप-वाइज टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और भारत में उत्पादन की राह भी खोलेगा। इस प्रस्ताव में फिफ्थ जनरेशन तकनीक, इंजन, ऑप्टिक्स, एईएसए रडार, एआई सिस्टम और कम सिग्नेचर तकनीक जैसे अहम पहलू शामिल हैं। रूस ने दो-सीटर Su-57E या FGFA संस्करण में संयुक्त विकास का विकल्प भी पेश किया है, जिससे दोनों देशों के बीच एयरोस्पेस सहयोग और गहरा हो सकता है।
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परमाणु ऊर्जा में भी होगी अहम बातचीत
रूस ने संकेत दिया है कि पुतिन की यात्रा के दौरान भारत-रूस के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग को लेकर एक नए समझौते पर भी चर्चा हो सकती है। पेस्कोव ने बताया कि रूस छोटे और लचीले परमाणु रिएक्टरों की अत्याधुनिक तकनीक साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि रूस पहले से ही भारत के कुडनकुलम प्रोजेक्ट में प्रमुख भूमिका निभा चुका है और आशा है कि यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा। दोनों देशों के बीच पारस्परिक निवेश भी इस साझेदारी को मजबूत बनाते हैं।
आतंकवाद से मिलकर लड़ने की अपील
क्रेमलिन ने हाल के दिल्ली ब्लास्ट की कड़ी निंदा की और इसे आतंकवाद की गंभीर चुनौती बताया। पेस्कोव ने कहा कि रूस स्वयं आतंकवाद का दर्द झेल चुका है और भारत भी कई बार इससे प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने का एकमात्र रास्ता अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाना है। रूस ने भारत के साथ इस लड़ाई में संपूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
पुतिन-मोदी की बैठक पर नजर
राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत यात्रा पर आ रहे हैं। दोनों नेता 23वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां रक्षा सहयोग, ऊर्जा, परमाणु तकनीक, निवेश और वैश्विक सुरक्षा पर गहन चर्चा होगी। पुतिन की इस यात्रा से पहले ही मास्को की ओर से दिए जा रहे संकेत बताते हैं कि भारत-रूस संबंध आने वाले समय में और मजबूत होने वाले हैं।
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