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कोविशील्ड के फॉर्मूले से बनी स्पूतनिक: 'हमारे पास सबसे अच्छे वैज्ञानिक, पर रूस के पास सबसे बेहतर जासूस', बोले ब्रिटिश सांसद

Mon, 11 Oct 2021 06:49 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 11 Oct 2021 06:49 PM IST
सार

ब्रिटेन के सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि मॉस्को के जासूस ने कोविशील्ड वैक्सीन का फॉर्मूला चुराया, ताकि पुतिन एकदम वैसी ही स्पूतनिक-वी वैक्सीन तैयार कर सकें।

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Russia accused of stealing Astra Zeneca COVID-19 Vaccine Secret Blueprint to create its own Sputnik-V
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। - फोटो : Social Media

विस्तार

ब्रिटेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने अपने जासूस के जरिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्रा जेनेका द्वारा निर्मित कोविशील्ड वैक्सीन के ब्लूप्रिंट चुरा लिए। खुफिया एजेंसियों ने ब्रिटिश गृह मंत्रालय को जो रिपोर्ट दी हैं, उसके मुताबिक कोरोना महामारी शुरू होने के बाद रूस की सबसे पहले वैक्सीन बनाने की जिद की वजह से ही उसके जासूस ने इस हरकत को अंजाम दिया। 
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ब्रिटेन के सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि मॉस्को के जासूस ने कोविशील्ड वैक्सीन का फॉर्मूला चुराया, ताकि पुतिन एकदम वैसी ही स्पूतनिक-वी वैक्सीन तैयार कर सकें। बताया गया है कि सुरक्षा एजेंसियों के पास ऐसे सबूत भी हैं, जिनसे यह स्पष्ट है कि रूसी जासूस ने वैक्सीन के टॉप सीक्रेट ब्लूप्रिंट चुरा लिए। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि यह दस्तावेज एस्ट्रा जेनेका लैब से चुराए गए या फिर फैक्ट्री से या फिर आखिरी टेस्टिंग के लिए तैयार की गई वैक्सीन की शीशी (वायल) को गैरकानूनी तरीके से रूस ले जाकर। 
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ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के अफसर डेमियन हिंड्स ने कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई जानकारी नहीं दे सकते। लेकिन उन्होंने संकेत दिए कि कुछ देश लगातार संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश में हैं। इनमें वैज्ञानिक क्षेत्र और बौद्धिक संपदा से जुड़ी गोपनीय जानकारी है। 
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ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई-5 ने पहले ही यह दावा किया है कि रूस के हैकरों ने भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पर साइबर हमलों को अंजाम दिया था। यह हमले मार्च 2020 के आसपास हुए थे, जब ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने एलान केयि था कि वे वैक्सीन बनाने की कोशिश में हैं। इसके बाद अप्रैल में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रा जेनेका ने एलान किया था कि वे इंसानों पर ट्रायल शुरू करने वाले हैं। माना जा रहा है कि इसी दौरान रूस ने कोविशील्ड वैक्सीन का फॉर्मूला चोरी कर लिया। क्योंकि इसके अगले महीने ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एलान किया था कि रूसी वैज्ञानिकों ने एक वैक्सीन तैयार कर ली है। 

बाद में रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि स्पूतनिक-वी के इंसानों पर काम करने का तरीका बिल्कुल कोविशील्ड की तरह ही है। दोनों ही वायरल वेक्टर वैक्सीन हैं। यानी दोनों ही निष्क्रिय वायरस के जरिए कोरोनावायरस को खत्म करती हैं। इस पूरे मामले पर ब्रिटेन के एक सांसद ने कहा कि हम जानते हैं कि लंदन के पास दुनिया के सबसे अच्छे वैज्ञानिक हैं, लेकिन रूस के पास सबसे बेहतर जासूस।
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