सियासत: जयशंकर G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए अफ्रीका जाएंगे; रुबियो का इनकार; कहा- मेजबान अमेरिका विरोधी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दक्षिण अफ्रीका की नीतियों को अमेरिका विरोधी बताने के बाद जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल न होने का निर्णय लिया।
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए आज दक्षिण अफ्रीका की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि यात्रा के दौरान विदेश मंत्री की ओर से कुछ द्विपक्षीय बैठकें करने की संभावना है। इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वे जी20 विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में शामिल नहीं होंगे।उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की नीतियों को अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बताया।
पश्चिम एशिया की यात्रा से अमेरिका लौटे रुबियो
रुबियो अपनी पहली पश्चिम एशिया यात्रा के बाद अमेरिका लौटे हैं, जहां उन्होंने यूक्रेन युद्ध पर रूस के साथ बातचीत की थी। उन्होंने रियाद में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बैठक की थी। रुबियो ने मंगलवार को फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की, ताकि वह लावरोव के साथ अपनी बैठक पूरी जानकारी साझा कर सकें।
जी20 की मेजबानी कर रहा दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका ने इस साल जी20 की अध्यक्षता संभाली है और उसने सम्मेलन का विषय 'एकजुटता, समानता और स्थिरता' चुना है। हालांकि, रुबियो ने इस विषय को अमेरिका के हितों के खिलाफ बताया और कहा कि दक्षिण अफ्रीका इस सम्मेलन का उपयोग विविधता, समानता और समावेशन (डीईआई) जैसे मुद्दों को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है, जो उनके अनुसार अमेरिका की प्राथमिकताओं से मेल नहीं खाते हैं।
रुबियो नवंबर में जी20 सम्मेलन में भी भाग नहीं लेंगे
रुबियो ने इस महीने की शुरुआत में एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि वह नवंबर में होने वाले जी20 सम्मेलन में भी भाग नहीं लेंगे, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका इस सम्मेलन का उपयोग जलवायु परिवर्तन और विविधता जैसे मुद्दों को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा, मेरा काम अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाना है, न कि करदाताओं के पैसे को बर्बाद करना या अमेरिका विरोधी नीतियों का समर्थन करना।
अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के बीच बढ़ रही दूरी
रुबियो का यह फैसला अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के संबंधों में बढ़ती खटास को दिखाता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में एक आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने दक्षिण अफ्रीका को दी जाने वाली मदद को रोक दिया था। ट्रंप ने यह फैसला उस कानून के कारण लिया, जिसे अमेरिका दक्षिण अफ्रीका के अल्पसंख्यक श्वेत समुदाय के खिलाफ भेदभावपूर्ण मानता है। इसके अलावा, ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका की विदेश नीति को भी अमेरिका विरोधी बताया था।
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