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दक्षिणी चीन सागर को लेकर बढ़ी तनातनी, चीन ने तैनात किए रॉकेट लॉन्चर

Wed, 17 May 2017 09:43 PM IST
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला Updated Wed, 17 May 2017 09:43 PM IST
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Rocket launchers have been installed on Spratly Islands In south china sea
South China Sea - फोटो : फाइल फोटो
दक्षिण चीन सागर को लेकर तनाव हर दिन नई सीमा पर पहुंच रहा है। चीन पहले से ही इसपर न सिर्फ दावा जताता रहा है, बल्कि उसने कृत्रिम तरीके से द्वीपों का निर्माण कर हवाई पट्टी तक बनाने की खबरें आई थी। इसबीच खबर ये आ रही है कि चीन ने मानव निर्मित इन टापुओं पर रॉकेट लॉन्चरों की तैनाती कर दी है, ताकि किसी भी घुसपैठ की स्थिति में वो दुश्मनों को तहस नहस कर सके। 
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चीन ने रॉकेट लॉन्चरों की तैनाती स्प्रैटली आईलैंड्स के फिएरी क्रॉस रीफ पर की है। चीनी सरकार द्वारा संचालित डिफेंस टाइम्स अखबार ने जानकारी दी है कि चीन ने नोरिंको सीएस/एआर-11 एमएम की एंटी-फ्रॉगमेंट रॉकेट लॉन्चर डिफेंस सिस्टम की तैनाती की है। जो किसी भी पनडुब्बी तक को निशाना बनाने में सक्षम है। चीन ने जिस फिएरी क्रॉस रीफ पर इस सबसे आधुनिक रॉकेट लॉन्चरों की तैनाती की है, उस पर फिलीपींस, वियतनाम और ताईवान भी अपना हक जताते है।
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चीन के इस कदम पर अमेरिका ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। अमेरिका दक्षिण चीन सागर में किसी भी तरह की मिलिटरी की तैनाती पर आपत्ति जताता है। अमेरिका का कहना है कि समुद्री मार्ग से तेल के जहाज गुजरते रहते हैं। किसी भी तरह के सैन्य तैनाती से इलाके में तनाव बढ़ सकता है। बता दें कि इस इलाके से होकर हर साल करीब 5 ट्रिलियन डॉलर का व्यापार होता है।
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अमेरिका की नाराजगी के विषय पर चीन का कहना है कि वो अपने इलाकों की सुरक्षा के लिए ऐसे कदम उठा रहा है। 

गौरतलब है कि दक्षिण चीन सागर के कुछ हिस्सों पर कई देश अपना अधिकार जताते हैं, इसमें वियतनाम, मलेशिया, ताइवान, ब्रुनेई और फिलीपींस शामिल हैं। इसी अधिकार जताने के क्रम में साल 2014 में वियतनामी सेना ने पैरासेल द्वीपों के आसपास बड़ी संख्या में फिशिंग नेट लगा दिए थे, ताकि उस तरफ कोई आ जा न सके। चीन का ये कदम उसी के जवाब में देखा जा रहा है।
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