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Diabetes: नियमित जांच कराई तो कम हुआ डाटबिटीज का जोखिम, अमेरिका के 15 राज्यों में मरीजों पर वर्जीनिया विश्वविद्यालय की रिपोर्ट

Sun, 19 Jun 2022 07:06 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 19 Jun 2022 07:06 AM IST
सार

वर्जीनिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं का दावा है कि सालाना जांच करवा रहे यहां के डायबिटीज मरीजों को आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के मुकाबले 36 प्रतिशत या कहें एक-तिहाई तक अंग-विच्छेदन कम कराने पड़े।

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Risk of diabetes is reduced if regular check-ups done report of the University of Virginia on patients in 15 states of US
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

डायबिटीज मरीजों की बड़ी संख्या की वजह से मिसिसिपी सहित अमेरिका के 15 राज्यों के 644 ग्रामीण क्षेत्र ‘डायबिटीज बेल्ट’ कहलाते हैं। इस ठप्पे की वजह से यहां के नागरिक और रोगी ज्यादा सजग रहने लगे हैं और इसका फायदा भी उन्हें मिल रहा है।

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वर्जीनिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं का दावा है कि सालाना जांच करवा रहे यहां के डायबिटीज मरीजों को आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के मुकाबले 36 प्रतिशत या कहें एक-तिहाई तक अंग-विच्छेदन कम कराने पड़े। इसके आधार पर अध्ययनकर्ताओं ने डायबिटीज मरीजों को सालाना वेलनेस जांच पूरी गंभीरता से करवाने की सिफारिश की है।
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इन शोधार्थियों के अनुसार डायबिटीज बेल्ट में रहने वालों में अंग-विच्छेदन की स्थिति आने की आशंका बाकी जगहों से 27 प्रतिशत अधिक मानी जाती है। इसलिए भी वे बचाव के लिए ज्यादा सजग रहते हैं। विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने साल 2006 से 2015 के दौरान डायबिटीज मरीजों के अंग-विच्छेदन के मामलों का विश्लेषण किया। इन्हें सालाना वेलनेस जांच करवाने और न करवाने वालों के वर्ग में बांटा। रिसर्चर जेनिफर लोबो के अनुसार परिणाम से पता चला कि जांच करवाने वालों में अपने अंग गंवाने का खतरा एक-तिहाई तक घट गया था।
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गंभीर स्थिति में जाने से बचाव
जेनिफर के अनुसार डायबिटीज में सालाना जांच से मरीजाें को नेत्रहीनता, किडनी फेल होने और स्ट्रोक या हृदय रोग से बचाव में मदद मिलती है। पंजा या फिर पूरा पांव कटवाने का जोखिम भी कम होता है। चूंकि डायबिटीज से हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती, इसलिए ज्यादा सजग रहना जरूरी है। इससे न केवल रोग गंभीर होने, बल्कि मरीज को अपाहिज होने से भी बचा सकते हैं।

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