फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   YouTube will re-direct the video supporting Islamic State

यूट्यूब पर नहीं दिखेंगे आतंकवादी विचारों वाले वीडियो

Sat, 22 Jul 2017 11:07 AM IST
BBC
BBC Updated Sat, 22 Jul 2017 11:07 AM IST
विज्ञापन
 YouTube will re-direct the video supporting Islamic State
Islamic people - फोटो : BBC

यूट्यूब ने कहा है कि जो लोग हिंसक और आतंकवादी विचारों से जुड़े वीडियो तलाशते हैं उन्हें आतंकवाद की निंदा करने वाले वीडियो दिखाए जाएंगे। कथित इस्लामिक स्टेट ग्रुप से जुड़े वीडियो सर्च करने वाले लोगों को यूट्यूब की वीडियो प्लेलिस्ट में इस विचारधारा का असली रूप दिखाने वाले वीडियो ऑफर किए जाएंगे।

विज्ञापन


यूट्यूब ने कहा कि वह लोगों को आतंकवादी होने से बचाना चाहता है। कंपनी ने बीबीसी को बताया कि कथित आईएस की विचारधारा का समर्थन करने वाले वीडियो अपलोड करना पहले ही उसके नियम और शर्तों के खिलाफ है। एक ब्लॉग पोस्ट में वीडियो स्ट्रीमिंग की इस कंपनी ने कहा है कि वह सर्च को रीडायरेक्ट करने के तरीकों पर काम कर रही है।
विज्ञापन


यह ऐसी मुहिम है जो कथित आईएस सर्च करने वाले लोगों को इस संगठन की चाल का पर्दाफाश करने वाले वीडियो दिखाएगी, जिसके जरिए वे भर्तियां करते हैं।

 YouTube will re-direct the video supporting Islamic State
Islam

कथित इस्लामिक स्टेट ग्रुप पर आधारित कई वीडियो में दावा किया गया है कि यह संगठन बेहतर प्रशासन और मजबूत सेना वाला है। संगठन से जुड़े तमाम वीडियो में यह भी कहा गया है कि दुनियाभर की शक्तियां मुसलमानों को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रच रही हैं। किसी भी तरह के नए वीडियो बनाने के बजाय यूट्यूब की ओर से सर्च पर जो प्लेलिस्ट दिखेगी उसमें वो वीडियो होंगे जो पहले से इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं।

जैसे- "कथित आईएस छोड़कर आए लोगों के बयान, जिनमें उन्होंने संगठन में रहते जिंदगी की असलियत बताई।" "एक बुजुर्ग महिला का वीडियो जिसमें वह दो आईएस लड़ाकों को 'खुदा के रास्ते पर' लौटने के लिए कह रही हैं।" "हिंसा और आतंकवाद की निंदा करने वाले इमाम के वीडियो।" "आईएस के नियंत्रण वाले इलाकों के फुटेज के जरिए वहां की असलियत दिखाना।"

रीडायरेक्ट मेथड के जरिए नए वीडियो न बनाकर ऐसे वीडियो दिखाने के पीछे वजह यह भी है कि लोग इन पर ज्यादा भरोसा करेंगे। कंपनी ने यह भी कहा कि सरकारों या पश्चिमी न्यूज आउटलेट की ओर से बनाए गए किसी भी वीडियो को खारिज कर दिया जाएगा क्योंकि उनके बारे में एंटी-मुस्लिम एजेंडा को बढ़ावा देने की धारणा बनी हुई है। यूट्यूब ने बीबीसी को बताया कि शुरुआत में सर्च को रीडायरेक्ट करने का काम सिर्फ अंग्रेजी में किया जा रहा है लेकिन बाद में इसे अरबी समेत दूसरी भाषाओं में भी लागू किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed