अमेरिकी शिक्षक की हत्यारी महिला को फांसी की सजा
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(दाहिनी तरफ तस्वीर में इबोल्या रय्न जिनकी हत्या की गई )
संयुक्त अरब अमीरात की एक अदालत ने यहां की महिला को मौत की सजा सुनाई है क्योंकि उसने जिहाद से प्रेरित हो कर अमेरिकन शिक्षक का मर्डर कर दिया था। 30 वर्षीय अला-बदर अल-हसिमी को 47 वर्षीय इबोल्या रय्न के कत्ल के आरोप में दोषी पाया है।
उसने शिक्षक का कत्ल शॉपिंग मॉल के टॉयलेट में किया था। यह महिला हाथ से बने हुए बम बनाने की भी अपराधी है जिसे उसने एक डॉक्टर के घर के सामने रखा हुआ था। जिसके कुछ घंटों बाद ही अमीरात की राजधानी में एक दिसंबर को हमला हुआ था।
सीसीटीवी की मदद से यह पता लगाया गया कि शॉपिंग मॉल के रेस्ट रुम से जो महिला निकल रही है और जिसने बम रखा था, वो वहीं थी। इस दौरान उसने सर से लेकर पांव तक खुद को काले कपड़े पहन रखे थे। हाशमी को उसके घर से घटना के 48 घंटे बाद गिरफ्तार किया गया था।
नहीं की जा सकती अपील
इस बात का पता तब चला जब उसकी कार की स्टेरिंग पर खून लगा हुआ पाया गया और कार के अंदर बम बनाने के सामान भी रखे थे। अमीरात की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उसने अल कायदा को यमन में रुपए भी भेजे थे जो आतंकी गतिविधियों में प्रयोग किए जाने थे।
यह आदेश अाबू धाबी स्थित अमीरात की फेडरल सुप्रीम कोर्ट है जिसके खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती है। यदि राष्ट्राध्यक्ष चाहें तो उसकी सजा को कम कर सकते हैं अथवा फैसले को बदल सकते हैं।
इस फैसले के बाद जब हाशमी को कोर्ट के बार सुरक्षा घेरे में लाया गया तो उसके चेहरे पर कोई शिकान नहीं थी। वो फैसले के बाद मुस्कुराती हुई अपने पिता और भाई की तरफ बढ़ गई जो कोर्ट की प्रोसिडिंग के दौरान वहां मौजूद थे। इस मामले की सुनवाई 23 मार्च को शुरु हुई थी।