क्या जब्त हो जाएगी उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की संपत्ति?
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अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर कुछ नए प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसमें तेल के आयात पर प्रतिबंध और उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की संपत्ति ज़ब्त करना शामिल है।
उत्तर कोरिया के द्वारा हाल ही में किए गए परमाणु परीक्षण के जवाब में संयुक्त राष्ट्र एक संकल्प पत्र जारी कर रहा है जिसके मसौदे में इन प्रतिबंधों को शामिल किया गया है। इस मसौदे को विचार के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समक्ष रखा जाएगा।
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इस मसौदे में उत्तर कोरिया को होने वाली तेल उत्पादों की सप्लाई और उसके टेक्सटाइल निर्यात की ख़रीद पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसमें किम जोंग उन की निजी संपत्ति को ज़ब्त करने के साथ-साथ उनकी यात्राओं को प्रतिबंधित करना भी शामिल है।
हाल ही में उत्तर कोरिया ने एक ऐसे शक्तिशाली हाइड्रोजन बम को विकसित करने का दावा किया था जिसे लंबी दूरी कि मिसाइल में फ़िट किया जा सकता है। इतना ही नहीं अगस्त में उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से मिसाइल लॉन्च भी किया था। अमेरिका की इन मांगों को रूस और चीन का समर्थन मिलेगा या नहीं फ़िलहाल इस पर संशय बरकरार है। इन दोनों ही देशों ने उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध बढ़ाने की मांग का कभी खुलकर समर्थन नहीं किया है।
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चीन और रूस उत्तर कोरिया को तेल की सप्लाई करते हैं और इन दोनों ही देशों के पास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो पावर है। उत्तर कोरिया के श्रमिकों को विदेशों में भर्ती करने पर भी प्रतिबंध लगाने की बात इस मसौदे में है।
उठाने होंगे कड़े कदम- अमरीका
संयुक्त राष्ट्र की हाल में हुई बैठक में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा था, "पिछले 20 सालों से उत्तर कोरिया पर धीरे-धीरे लगाए जा रहे प्रतिबंधों का कोई सफल परिणाम देखने को नहीं मिल रहा है। उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को लगातार बढ़ाए जा रहा है।" निक्की ने कहा था ''बहुत हो गया, अब हमें बेहद कड़े क़दम उठाने ही होंगे।''
रायटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार अमेरिकी राजदूत इस संकल्प मसौदे पर सुरक्षा परिषद में सोमवार को वोटिंग कराना चाहती हैं। हालांकि कुछ सदस्यों द्वारा अमेरिका के इस क़दम का विरोध किया जा सकता है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का कहना है कि उनका देश उत्तर कोरिया को 40 हज़ार टन तक ही तेल की सप्लाई करता है जोकि बहुत ही कम मात्रा है। उन्होंने एएफ़पी समाचार एजेंसी से कहा कि उत्तर कोरिया पर और अधिक प्रतिबंध लगाना कोई उपाय नहीं है।
चीन उत्तर कोरिया का सबसे पुराना मित्र रहा है, लेकिन उसने उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किए मिसाइल परीक्षण के बाद कुछ प्रतिबंधों पर अपनी सहमति दर्ज कराई है। अगस्त में उत्तर कोरिया पर कुछ नए प्रतिबंध लगाए गए थे जिसमें कोयले के निर्यात पर प्रतिबंध शामिल था। इससे उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था पर एक बिलियन डॉलर का प्रभाव पड़ा था। यह उसकी निर्यात संबंधी अर्थव्यवस्था का एक तिहाई हिस्सा था।