फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   Will property seize of north korea Dictator Kim Jong un

क्या जब्त हो जाएगी उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की संपत्ति?

Fri, 08 Sep 2017 12:30 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Fri, 08 Sep 2017 12:30 PM IST
विज्ञापन
Will property seize of north korea Dictator Kim Jong un
किम जोंग उन

अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर कुछ नए प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसमें तेल के आयात पर प्रतिबंध और उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की संपत्ति ज़ब्त करना शामिल है।

विज्ञापन


उत्तर कोरिया के द्वारा हाल ही में किए गए परमाणु परीक्षण के जवाब में संयुक्त राष्ट्र एक संकल्प पत्र जारी कर रहा है जिसके मसौदे में इन प्रतिबंधों को शामिल किया गया है। इस मसौदे को विचार के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समक्ष रखा जाएगा।
विज्ञापन


पढ़ेः- भारत के लिए भी सिरदर्द बन सकता है उत्तर कोरिया का हाइड्रोजन बम

इस मसौदे में उत्तर कोरिया को होने वाली तेल उत्पादों की सप्लाई और उसके टेक्सटाइल निर्यात की ख़रीद पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसमें किम जोंग उन की निजी संपत्ति को ज़ब्त करने के साथ-साथ उनकी यात्राओं को प्रतिबंधित करना भी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाल ही में उत्तर कोरिया ने एक ऐसे शक्तिशाली हाइड्रोजन बम को विकसित करने का दावा किया था जिसे लंबी दूरी कि मिसाइल में फ़िट किया जा सकता है। इतना ही नहीं अगस्त में उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से मिसाइल लॉन्च भी किया था। अमेरिका की इन मांगों को रूस और चीन का समर्थन मिलेगा या नहीं फ़िलहाल इस पर संशय बरकरार है। इन दोनों ही देशों ने उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध बढ़ाने की मांग का कभी खुलकर समर्थन नहीं किया है।

पढ़ेंः- ये हैं वो देश, जो देते हैं उत्तर कोरिया को आर्थिक ताकत

चीन और रूस उत्तर कोरिया को तेल की सप्लाई करते हैं और इन दोनों ही देशों के पास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो पावर है। उत्तर कोरिया के श्रमिकों को विदेशों में भर्ती करने पर भी प्रतिबंध लगाने की बात इस मसौदे में है।

उठाने होंगे कड़े कदम- अमरीका

Will property seize of north korea Dictator Kim Jong un
अमेरिका

संयुक्त राष्ट्र की हाल में हुई बैठक में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा था, "पिछले 20 सालों से उत्तर कोरिया पर धीरे-धीरे लगाए जा रहे प्रतिबंधों का कोई सफल परिणाम देखने को नहीं मिल रहा है। उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को लगातार बढ़ाए जा रहा है।" निक्की ने कहा था ''बहुत हो गया, अब हमें बेहद कड़े क़दम उठाने ही होंगे।''

रायटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार अमेरिकी राजदूत इस संकल्प मसौदे पर सुरक्षा परिषद में सोमवार को वोटिंग कराना चाहती हैं। हालांकि कुछ सदस्यों द्वारा अमेरिका के इस क़दम का विरोध किया जा सकता है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का कहना है कि उनका देश उत्तर कोरिया को 40 हज़ार टन तक ही तेल की सप्लाई करता है जोकि बहुत ही कम मात्रा है। उन्होंने एएफ़पी समाचार एजेंसी से कहा कि उत्तर कोरिया पर और अधिक प्रतिबंध लगाना कोई उपाय नहीं है।

चीन उत्तर कोरिया का सबसे पुराना मित्र रहा है, लेकिन उसने उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किए मिसाइल परीक्षण के बाद कुछ प्रतिबंधों पर अपनी सहमति दर्ज कराई है। अगस्त में उत्तर कोरिया पर कुछ नए प्रतिबंध लगाए गए थे जिसमें कोयले के निर्यात पर प्रतिबंध शामिल था। इससे उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था पर एक बिलियन डॉलर का प्रभाव पड़ा था। यह उसकी निर्यात संबंधी अर्थव्यवस्था का एक तिहाई हिस्सा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed