{"_id":"5b98a225867a557ed62a49e7","slug":"vostok-2018-russia-china-war-games-2018-is-biggest-war-exercise-of-russia-after-cold-war","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शीत युद्ध के बाद रूस का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास, 3 लाख सैनिक, 36000 लड़ाकू वाहन, 80 युद्धपोत उतारे","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
शीत युद्ध के बाद रूस का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास, 3 लाख सैनिक, 36000 लड़ाकू वाहन, 80 युद्धपोत उतारे
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 12 Sep 2018 10:50 AM IST
विज्ञापन
russia china war games 2018
रूसी सेना ने मंगलवार को वोस्टॉक 2018 नामक युद्धाभ्यास शुरू किया है जिसे शीत युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास बताया जा रहा है। खास बात यह है कि इस वॉर गेम्स में रूस के साथ चीनी और मंगोलिया के सैनिक भी हिस्सा लेंगे। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक पूर्वी साइबेरिया में 11 से 17 सितंबर तक होने वाले इस युद्धाभ्यास में रूसी सेना की कई डिवीजनें, उत्तरी बेड़ा और प्रशांत बेड़ा शामिल है। इसमें रूस के 3 लाख सैनिक, 36 हजार टैंक, 1000 से ज्यादा विमान, 36000 लड़ाकू वाहन और 80 युद्धपोत शामिल हो रहे हैं। रूस वोस्टोक 2018 के जरिए इस्कैंडेर मिसाइल, टी-80 और टी-90 टैंक के साथ एसयू-34 और एसयू-35 लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन करेगा।
विज्ञापन
Trending Videos
युद्धाभ्यास 1981 जैसा, सैनिक कई गुना ज्यादा
russia china war games 2018
यह सैन्य युद्धाभ्यास दो चरणों में और पांच जगहों पर होगा। इनमें जापानी सागर, बेरिंग सागर और ओखोत्स्क सागर भी शामिल हैं। 11 सितंबर को शुरू हुआ पहला चरण 17 सितंबर को खत्म होगा। इसमें जवानों को रूस के पूर्वी भाग, उत्तर-प्रशांत और उत्तरी सागर के पास तैनात किया जाएगा। यह युद्धाभ्यास 1981 में हुए युद्धाभ्यास जैसा है, पर इस बार जवानों की संख्या कई गुना ज्यादा है। इस सैन्य अभ्यास में रूस के 3 लाख सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। यह रूसी सेना की 10 लाख सैनिकों में से एक तिहाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रूस-चीन ने 15 साल में किए 30 युद्धाभ्यास
russia china war games 2018, valadimir putin, xi jinping
विशेषज्ञों को सबसे ज्यादा हैरानी युद्धाभ्यास में चीन की शिरकत से हो रही है। चीन के 3,000 सैनिक विमानों और हेलिकॉप्टरों के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं। 2003 से अब तक रूस और चीन की सेनाएं करीब 30 बार साझा सैन्य अभ्यास कर चुकी हैं। लेकिन वोस्टॉक 2018 में पहली बार चीन रूस के साथ रणनैतिक स्तर पर युद्धाभ्यास कर रहा है। इससे पहले सिर्फ बेलारूस ने ही रूस के साथ ऐसा रणनैतिक युद्धाभ्यास किया था। युद्धाभ्यास के समय चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस पहुंचे। वे रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से मिले।
रूस से युद्ध कला सीखना चाहता है चीन
china russia war games 2018
यूरोपीय काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस में जर्मनी के सीनियर पॉलिसी फेलो गुस्ताव ग्रेजेल के मुताबिक चीन को लंबे समय से इस मौके का इंतजार था। चीन रूस से असली युद्ध की कला सीखना चाहता है। ग्रेजेल का मानना है कि चीन के पास भले ही आधुनिक अस्त्र हों, लेकिन "अफसरों की ट्रेनिंग, सेना की आवाजाही, तैनाती और कमांड के मामले में वह रूस के काफी पीछे है।" सूचना के युग में लड़ाईयां तकनीकी हो रहे हैं और चीन ट्रेनिंग और सेना को इसी ढंग से तैयार कर सैन्य आधुनिकीकरण की तरफ बढ़ना चाहता है।"
वोस्टॉक 2018 पर नाटो का विरोध
russia china war games 2018
यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में किया जा रहा है, जब रूस पर यूरोपीय संघ, यूक्रेन और सीरिया में चल रहे संघर्ष में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा है। वोस्टोक-2018 को लेकर यूरोपीय देशों सहित नाटो ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। वहीं रूस के सैन्य विशेषज्ञ पावेल फेलगेनहॉर ने इसे भविष्य में होने वाले विश्व युद्ध की तैयारी बताया। ड्रिल पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, 57 देशों के पर्यवेक्षक नजर रखेंगे।