भारत-नेपाल हवाई मार्ग पर दूसरे दौर की बैठक पर संकट
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नेपाल के प्रमुख समाचार पत्र ‘काठमांडू पोस्ट’ के मुताबिक नेपाल के पर्यटन मंत्रालय व नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा है कि भारत में दूसरे राउंड की यह बैठक प्राथमिकता की सूची में थी, लेकिन नेपाल में भारत के इस प्रस्ताव को लेकर विवाद खड़ा होने पर भारत ने बैठक की तारीख को लेकर जवाब नहीं दिया है।
नेपाल के कुछ सांसद मानते हैं कि भारत के प्रस्ताव पर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। जबकि कुछ सांसदों का कहना है कि भारत के इरादे ठीक नहीं हैं, क्योंकि भारत ने प्रस्ताव देने के अलावा किसी भी कदम को अंतिम रूप नहीं दिया है।
तीन मार्गों पर भारत ने तकनीकी निराकरण मांगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो वर्ष पूर्व अपनी नेपाल यात्रा में दोनों देशों के बीच जल्द से जल्द विवादों के निराकरण के निर्देश भी दिए थे। नेपाल चाहता है कि इन मुद्दों का शीघ्र निराकरण हो ताकि दोनों देशों के बीच पर्यटन को नई गति मिल सके। नेपाल के पर्यटन मंत्रालय व नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बैठक के लिए उड़ान संचालन विभाग के निदेशक सुधीर कुमार चौधरी के नेतृत्व में नौ सदस्यों वाली एक तकनीकी टीम गठित कर दी है।
तीन मार्गों पर भारत ने तकनीकी निराकरण मांगा
बैठक के पहले चरण में भारत ट्रांस-हिमालय के दो हवाई मार्गों के विकास पर सहमति जता चुका है। इसके अलावा काठमांडू-महेंद्रनगर-दिल्ली वायुमार्ग के दुबारा निर्धारण पर भी भारत सहमत था।
भारत ने ल्हासा-काठमांडू-भरतपुर-भैरहवा-दिल्ली मार्ग तथा काठमांडू-जालेश्वर-पटना मार्ग के लिए द्विपक्षीय सुविधा दे दी है। लेकिन तीन वायुमार्गों पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई है। इनमें नेपाल द्वारा प्रस्तावित जनकपुर, भैरहवा और नेपालगंज एयरस्पेस शामिल हैं। इन तीन हवाई मार्गों पर भारत ने तीन तकनीकी बिंदुओं का पहले निराकरण चाहा है।