तुर्की में आपातकाल के बाद, गुलेन के भतीजे को लिया हिरासत में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तुर्की के सरकारी मीडिया के मुताबिक अमरीका में रहने वाले धार्मिक प्रचारक फतहुल्लाह गुलेन के भतीजे को पिछले हफते के नाकाम तख्तापलट के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है। समाचार एजेंसी अनादोलु के मुताबिक गुलेन के जन्मस्थान एर्ज़ुरूम से हिरासत में लिए गए मुहमेत सेइत गुलेन को राजधानी अंकारा ले जाया जाएगा।
तुर्की के राष्ट्रपति रेचैप तैयप अर्दोआन ने तख्तापलट के लिए फतहुल्लाह गुलेन को जिम्मेदार ठहराया था। इससे पहले, तुर्की में बिना किसी आरोप के लोगों को हिरासत में लेने की इजाजत की मियाद एक महीने के लिए बढ़ाई गई।
सरकारी मीडिया के मुताबिक एक हजार निजी स्कूलों और 1,200 से ज्यादा संस्थाओं को बंद करने का आदेश दिया गया है, इनमें 19 ट्रेड यूनियन, 15 विश्वविद्यालय और 35 मेडिकल संस्थान शामिल हैं।
नाकाम तख्तापलट के बाद बुधवार को मुल्क में तीन माह का आपातकाल घोषित किया गया था। मुहमेत सेइत गुलेन की तलाश 2010 में सिविल सर्विस परीक्षा के सवाल लीक करने के मामले में भी हो रही थी। इस साल मई में गुलेन के एक अन्य भतीजे को हिजमत आंदोलन के स्कूल से जुड़े एक मामले में हिरासत में लिया गया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना हो रही है।
तख्तापलट में शामिल होने से इनकार करने वाले गुलेन एक समय में राष्ट्रपति अर्दोआन के सहयोगी थे। नाकाम तख्तापलट के बाद तुर्की में करीब 60 हजार सरकारी कर्मचारी हिरासत में लिए गए या निलंबित किए गए, इनमें सेनाधिकारी, जज और शिक्षक शामिल हैं। शनिवार को अंकारा में अधिकारियों ने कहा कि 1,200 सैनिकों को रिहा कर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना हो रही है। तुर्की के उप प्रधानमंत्री कह चुके हैं कि ये गिरफ्तारियां महज शुरूआत हैं।