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ब्रिटेन में रोबोटिक तकनीक से बना दुनिया का सबसे छोटा घर
एजेंसी, लंदन
Updated Sun, 20 May 2018 10:27 PM IST
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लंदन
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ब्रिटेन में दुनिया का सबसे छोटा घर बन कर तैयार हो गया है। 300 स्क्वायर माइक्रोमीटर एरिया वाले इस घर के निर्माण के लिए फ्रांस के वैज्ञानिकों ने नैनोरोबोटिक सिस्टम का प्रयोग किया गया है। एक माइक्रोमीटर एक मिलीमीटर का 1000 वां हिस्सा होता है।
जर्नल ऑफ वैक्यूम साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने इस माइक्रोहाउस के निर्माण के बारे में जानकारी दी है। इस माइक्रोहाउस के निर्माण से यह दर्शाया है कि किस तरह से शोधकर्ता ऑप्टिकल सेंसिंग में आयन गन, इलेक्टॉन बीम्स और बेहतरीन तरीके से रोबोटिक पायलटिंग के नियंत्रित करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
इस इनोवेशन से वैज्ञानिक बाल के समान पतली ऑप्टिकल फाइबर को जेट इंजन, रेडिएशन का स्तर जानने के लिए रक्त शिराओं या वायरल मॉलीक्यूल्स जैसी चीजों में प्रवेश करा सकते हैं। इससे पहले यह संभव नहीं हो सका है।
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फेम्टो-एसटी इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता ज्यां येव्स रॉस ने कहा, ‘यह पहली बार है कि हम 2 नैनोमीटर से भी कम को सटीकता के साथ आकार दे पाए हैं। यह रोबोटिक्स और ऑप्टिकल समुदाय के लिए महत्वपूर्ण परिणाम है।’ माइक्रोहाउस का निर्माण एक पेपर के टुकड़े से विशाल आकृति बनाने जैसा है।
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जर्नल ऑफ वैक्यूम साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने इस माइक्रोहाउस के निर्माण के बारे में जानकारी दी है। इस माइक्रोहाउस के निर्माण से यह दर्शाया है कि किस तरह से शोधकर्ता ऑप्टिकल सेंसिंग में आयन गन, इलेक्टॉन बीम्स और बेहतरीन तरीके से रोबोटिक पायलटिंग के नियंत्रित करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
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इस इनोवेशन से वैज्ञानिक बाल के समान पतली ऑप्टिकल फाइबर को जेट इंजन, रेडिएशन का स्तर जानने के लिए रक्त शिराओं या वायरल मॉलीक्यूल्स जैसी चीजों में प्रवेश करा सकते हैं। इससे पहले यह संभव नहीं हो सका है।
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फेम्टो-एसटी इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता ज्यां येव्स रॉस ने कहा, ‘यह पहली बार है कि हम 2 नैनोमीटर से भी कम को सटीकता के साथ आकार दे पाए हैं। यह रोबोटिक्स और ऑप्टिकल समुदाय के लिए महत्वपूर्ण परिणाम है।’ माइक्रोहाउस का निर्माण एक पेपर के टुकड़े से विशाल आकृति बनाने जैसा है।