लेस्बियन नहीं हैं, लेकिन यहां महिलाएं आपस में करती हैं शादी
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उत्तरी तंजानिया के तराइम जिले में महिलाएं कई वर्षों से आपस में ही शादी करती आ रही हैं। 'न्युम्बा थोबू' नाम की इस परंपरा ने खुद को बदलते वक्त के साथ ढाल लिया है।
इस जिले में कुर्या समुदाय की ऐसी ही दो महिलाएं हैं 60 वर्षीय वेजेसा और 35 साल की नियांस्वी। ये दोनों पिछले 15 साल से शादीशुदा हैं।
अपनी इस शादी पर वेजेसा कहती हैं, "हमारी संस्कृति में महिलाएं संपत्ति की उत्तराधिकारी नहीं हो सकती हैं। इसलिए मैंने एक महिला से शादी की।" वो कहती हैं, "मेरे जाने के बाद नियांस्वी मेरी संपत्ति की हकदार होगी।
वो मेरी खेती, पानी भरने, मवेशियों को चराने और घर के अन्य काम में मदद करती है।" वहीं नियांस्वी कहती हैं, "पत्नी बनने के बाद से मुझे जिंदगी सामान्य लगती है। हमारी जिंदगी खुशहाल कट रही है।"
अलग ही है प्रथा
वेजेसा को कोई बेटा नहीं था। पति के मरने के बाद ऐसा कोई नहीं था जिसे वो अपना वारिस बना सकें और परिवार का नाम दे सकें। समस्या के हल के लिए उन्होंने न्यांस्वी को पत्नी बना लिया। इस दंपति के छह बेटे हैं जिनके पिता वेजेसा के दिवंगत पति के परिवार से ही आते हैं। वेजेसा के भतीजे का अपना परिवार है।
लेकिन वो छह बच्चों के पिता बनने के लिए आराम से तैयार हो गए। उनका बच्चों पर कोई दावा और अधिकार नहीं है। उन्हें बस इसी बात की खुशी है कि न्यांस्वी के बच्चों के जरिए उनके दिवंगत चाचा का कुलनाम चलता रहेगा।
घरेलू हिंसा से बचने का तरीका
महिलाओं की महिलाओं से शादी के बढ़ते चलन को घरेलू हिंसा से बचाव के तरीके के रूप में भी देखा जा रहा है। ऐसी जोड़ियों के जीवन को नियंत्रित करने में पुरुषों की भूमिका तो होती है लेकिन नाममात्र की। कुछ परंपराएं समय के साथ कमज़ोर होती हैं लेकिन इस पर फ़िलहाल कोई ख़तरा नज़र नहीं आ रहा।