पाकिस्तान के इस आतंकी की सरपरस्ती में मजबूत हो रहा तालिबान
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अफगानिस्तान में नाटो के हमलों से कमजोर पड़ता तालिबान अब फिर खड़ा होने लगा है। यहां के कुंदुज शहर पर उसका कब्जा होना इसका सबूत है।
तालिबान के और अफगान सरकार के कुछ वरिष्ठ नेता इसका पूरा श्रेय आतंकी संगठन के नये सरगना को देते हैं, जिसकी सरपरस्ती में तालिबान बदल रहा है।
तालिबान का नया सरगना मुल्ला अख्तर मुहम्मद मंसूर संगठन के पुराने प्रमुखों से कई मायनों में अलग है। यह एक व्यापारी और गुफाओं में न छुपकर बेफ्रिक होकर घूमने वाला है।
अफगान के कुंदुज शहर पर तालिबान के कब्जे ने मंसूर के कद को उन तालिबानी नेताओं की नजर में भी ऊंचा कर दिया है, जो उसका विरोध कर रहे थे। मंसूर को आक्रामक शैली वाला सरगना बताया जाता है। तालिबानी नेताओं के मुताबिक वह तबाही मचाने में डरता नहीं है और जितना उससे कहा जाए, उससे ज्यादा करता है।
पाकिस्तान का खास मंसूर
वह आए दिन पाकिस्तान और दुबई के चक्कर काटता रहता है, फिर भले ही संयुक्त राष्ट्र ने उसके यात्रा करने पर प्रतिबंध लगाया हो। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि मंसूर की पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ अच्छी सांठगांठ है।
व्यापारी भी है मंसूर
तालिबान का एक वरिष्ठ नेता बताता है कि मंसूर एक व्यापारी भी है। उसकी खुद की मोबाइल की एक कंपनी है। वह तालिबान के पुराने सरगनाओं की तरह पहाड़ की गुफाओं में छुपकर नहीं रहता, बल्कि खुलकर घूमता है। मंसूर का पाकिस्तान और दुबई में भी घर है।