तालिबान ने ली काबुल धमाकों की जिम्मेदारी
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अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में कई धमाके हुए हैं और भारी गोलीबारी हुई है। वजीर अकबर खान इलाके में कम से कम एक दर्जन धमाके हुए हैं। इस इलाके में कई दूतावास और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के निवास हैं। सरकार के एक मंत्री का कहना है कि लड़ाई खत्म हो गई है। चारों हमलावर मारे गए हैं। तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
गेस्ट हाउस पर निशाना
काबुल पुलिस के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि लगता है कि हमला एक गेस्ट हाउस को निशाना बनाकर किया गया। काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता संजॉय मजूमदार का कहना है कि "उन्होंने लगातार धमाके सुने, गोलियों की आवाजें सुनीं और ग्रेनेड की भी आवाज़ थी।
"एसोसिएटेड प्रेस का कहना है कि हमला स्थानीय समय के मुताबिक रात करीब पौने ग्यारह बजे शुरू हुआ और इसके बाद पुलिस वाले स्ट्रीट लाइट तोड़ते देखे गए ताकि उनके आने-जाने के बारे में किसी को पता न चले। कुछ ही दिन पहले तालिबान चरमपंथियों ने काबुल में एक गेस्ट हाउस पर हमला किया था। हमले में 14 लोग मारे गए थे जिनमें कुछ विदेशी भी थे। इस हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली थी।
रब्बानी परिवार के गेस्ट हाउस पर किया हमला
बीती रात जिस गेस्ट हाउस पर हमला हुआ है, उसके बारे में अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने बीबीसी को बताया है कि चरमपंथियों ने जिस गेस्ट हाउस पर हमला किया है, उसका नाम पहले हीतल गेस्ट हाउस हुआ करता है।
तालिबान ने दिसम्बर 2009 में भी इस गेस्ट हाउस पर हमला किया था अब इस गेस्ट हाउस को रब्बानी गेस्टहाउस के नाम से जाना जाता है।
ये गेस्ट हाउस रब्बानी परिवार का है। रब्बानी परिवार में अफगानिस्तान के मौजूदा विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी और देश के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी शामिल हैं।