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काबुल में एक हफ्ते में तालिबान का दूसरा बड़ा हमला, 102 की मौत, 200 लोग हुए घायल
एजेंसी, काबुल
Updated Sun, 28 Jan 2018 07:01 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : tribuneindia
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हाल के वर्षों में शनिवार को अफगानिस्तान में हुए सबसे बड़े हमले में कम से कम 102 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 लोग घायल हो गए। यह हमला राजधानी काबुल के भीड़ भरे इलाके में विस्फोटक से भरे एंबुलेंस में विस्फोट करके किया गया। तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अफगान राजधानी में आतंकी समूह द्वारा एक हफ्ते में किया गया यह दूसरा हमला है। विस्फोट के बाद घटनास्थल पर दर्दनाक दृश्य देखा गया। चारों तरफ बिखरे पड़े अंगों को देखकर आतंकित हुए लोग वहां से भाग रहे थे।
वहीं अस्पताल में घायल जरूरत से ज्यादा भर गए थे। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब तालिबान और आईएस दोनों आतंकी संगठनों ने काबुल में अपने हमले बढ़ा दिए हैं। बता दें कि नागरिकों के रहने के लिए काबुल अफगानिस्तान के सबसे खतरनाक इलाकों में से एक है। घटनास्थल से कुछ ही मीटर दूर जमूरियत अस्पताल में अनेकों मृत और घायल लोग पड़े थे।
वहां कॉरिडोर के फर्श पर खून से सने पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का इलाज करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी संघर्ष कर रहे थे। हमले में अब तक 102 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 200 घायल हुए हैं। उन्होंने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जाहिर की है क्योंकि कुछ घायलों को बहुत ही गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था।
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वहीं अस्पताल में घायल जरूरत से ज्यादा भर गए थे। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब तालिबान और आईएस दोनों आतंकी संगठनों ने काबुल में अपने हमले बढ़ा दिए हैं। बता दें कि नागरिकों के रहने के लिए काबुल अफगानिस्तान के सबसे खतरनाक इलाकों में से एक है। घटनास्थल से कुछ ही मीटर दूर जमूरियत अस्पताल में अनेकों मृत और घायल लोग पड़े थे।
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वहां कॉरिडोर के फर्श पर खून से सने पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का इलाज करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी संघर्ष कर रहे थे। हमले में अब तक 102 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 200 घायल हुए हैं। उन्होंने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जाहिर की है क्योंकि कुछ घायलों को बहुत ही गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था।
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इलाके में ईयू सहित कई संगठनों के दफ्तर
काबुल
- फोटो : al jazeera
काबुल के जिस इलाके में यह विस्फोट हुआ है वहां पर यूरोपीय संघ सहित कई अति महत्वपूर्ण संगठनों के दफ्तर हैं। एक अधिकारी ने बताया कि काबुल में ईयू दल के सभी सदस्य सुरक्षित रूम में हैं और उन्होंने कोई नुकसान नहीं हुआ है।
दो किमी दूर जा गिरीं खिड़कियां
जानकारी के अनुसार, विस्फोटक इतना भयानक था कि बिल्डिंगों की खिड़कियां कम से कम दो किमी दूर जा गिरीं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी ने कहा कि आत्मघाती बम विस्फोटक पहले चेक प्वाइंट पर यह कहते हुए सुरक्षाकर्मियों को चकमा देने में सफल हो गया कि वह जमूरियत अस्पताल में मरीज लेकर जा रहा है। हालांकि दूसरे चेक प्वाइंट पर उसकी पहचान हो गई और वहीं उसने विस्फोट कर दिया।
काबुल हमला बर्बर और नृशंस: भारत
काबुल में शनिवार को मासूम लोगों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले को भारत ने बर्बर और नृशंस बताते हुए कड़ी निंदा की है। भारत ने घायलों के इलाज के साथ सभी संभावित मदद करने के लिए हाथ भी बढ़ाया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ऐसे निंदनीय हमलों का कोई औचित्य नहीं हो सकता है। इन हमलों के दोषियों और उनके समर्थकों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
दो किमी दूर जा गिरीं खिड़कियां
जानकारी के अनुसार, विस्फोटक इतना भयानक था कि बिल्डिंगों की खिड़कियां कम से कम दो किमी दूर जा गिरीं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी ने कहा कि आत्मघाती बम विस्फोटक पहले चेक प्वाइंट पर यह कहते हुए सुरक्षाकर्मियों को चकमा देने में सफल हो गया कि वह जमूरियत अस्पताल में मरीज लेकर जा रहा है। हालांकि दूसरे चेक प्वाइंट पर उसकी पहचान हो गई और वहीं उसने विस्फोट कर दिया।
काबुल हमला बर्बर और नृशंस: भारत
काबुल में शनिवार को मासूम लोगों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले को भारत ने बर्बर और नृशंस बताते हुए कड़ी निंदा की है। भारत ने घायलों के इलाज के साथ सभी संभावित मदद करने के लिए हाथ भी बढ़ाया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ऐसे निंदनीय हमलों का कोई औचित्य नहीं हो सकता है। इन हमलों के दोषियों और उनके समर्थकों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।