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मालदीव में आपातकाल अवधि बढ़ाने को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी, भारत नाखुश

Fri, 23 Feb 2018 03:56 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले/नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले/नई दिल्ली Updated Fri, 23 Feb 2018 03:56 AM IST
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Supreme Court approves extension of emergency in Maldives, India disappointed
मालदीव के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन के आग्रह पर 30 दिनों के लिए आपातकाल बढ़ाने के संसद के फैसले को मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए एक अस्थायी आदेश जारी कर दिया।  मंगलवार को मालदीव की संसद ने 30 दिनों के लिए देश में आपातकाल को बढ़ा दिया था और राष्ट्रपति यमीन को सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने की सहमति प्रदान कर दी थी। 
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा विपक्षी नेताओं को रिहा करने के आदेश के बाद राष्ट्रपति यमीन ने 5 फरवरी को देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। इन विपक्षी नेताओं में निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद भी थे। अदालत ने कहा कि उनका 2015 का मुकदमा असंवैधानिक है। सुप्रीम कोर्ट के अस्थायी आदेश के बाद अब देश में आपातकाल 22 मार्च को समाप्त होगा। 
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मालदीव में आपातकाल का विस्तार करने का कोई वैध कारण नहीं : भारत 

मालदीव में आपातकाल बढ़ाने के फैसले पर नाखुश भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में आपातकाल बढ़ाने के लिए मालदीव संसद के पास कोई ठोस कारण नजर नहीं आता है। साथ ही भारत ने यह भी कहा कि वह इस द्वीपीय देश की हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। 
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भारत ने बुधवार को मालदीव संसद के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन की आपातकाल अवधि बढ़ाने की सिफारिश को स्वीकार करने पर गहरा निराशा व्यक्त किया था। मालदीव की संसद में राष्ट्रपति की सिफारिश पर देश में आपातकाल की अवधि 30 दिनों के लिए बढ़ा दी है। 


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हमें मालदीव संसद द्वारा अपने देश में आपातकाल बढ़ाने को लेकर कोई वैध कारण नहीं लग रहा है। हम लगातार वहां की हालत पर नजर रख रहे हैं और राजनीति बंदी और मुख्य न्यायाधीश को रिहा करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मानने के लिए मालदीव की सरकार से लगातार आग्रह कर रहे हैं। भारत मालदीव में लोकतांत्रिक संस्थाओं के सुचारु रूप से संचालन चाहता है। 
 
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