श्रीलंका संकट : राष्ट्रपति सिरीसेना को झटका, सरकार से एक उपमंत्री का इस्तीफा
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श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरीसेना को मंगलवार को तब तगड़ा झटका लगा जब यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम अलायंस (यूपीएफए) सरकार के एक उपमंत्री ने इस्तीफा दे दिया और बर्खास्त प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे का समर्थन किया।
सिरीसेना/राजपक्षे के 96 सांसदों की सूची में शामिल रहे सांसद मनुशा नानायक्कारा ने राष्ट्रपति सिरीसेना को पत्र में कहा कि उनकी राय में विक्रमसिंघे अभी भी वैध प्रधानमंत्री हैं, जैसा कि स्पीकर कारू जयसूर्या का कहना है। उन्होंने सिरीसेना का पक्ष छोड़ने के लिए और विक्रमसिंघे के खेमे में शामिल होने के लिए श्रम और विदेश रोजगार उपमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। जबकि उन्होंने 1 नवंबर को ही उपमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
वीडियो मैसेज में कही विक्रमसिंघे को समर्थन की बात
नानायक्कारा ने एक वीडियो मैसेज में कहा, वह मनमाने तरीके से राजनीतिक नियुक्तियों को स्वीकार नहीं करते और लोकतंत्र की रक्षा और समर्थन के लिए विक्रमसिंघे का समर्थन करते रहेंगे। नानायक्कारा ने यह घोषणा ऐसे समय की जब कुछ घंटे पहले ही सिरीसेना ने सार्वजनिक रूप से कहा कि लोगों को इस बात पर शक नहीं करना चाहिए कि हमें 225 में से 113 सदस्यों का बहुमत प्राप्त है।