जानिए दक्षिण कोरिया ने किम जोंग उन को खरी-खोटी सुनानेवाले लाउडस्पीकर क्यों किए बंद
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उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच इस हफ्ते होने वाली बातचीत से पहले सियोल ने सीमा पर लगे अपने लाउडस्पीकरों को खामोश कर दिया है। दोनों कोरियाई देशों ने अपनी-अपनी सरहद पर दर्जनों लाउडस्पीकर लगा रखे हैं जिनमें कोरियाई पॉप संगीत से लेकर दूसरे कोरियाई देश की आलोचना करने वाली खबरों तक सब कुछ चलाया जाता है। प्रोपेगैंडा फैलाने वाले ये लाउडस्पीकर ऐसे लगाए गए हैं कि सीमाई इलाकों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ वहां तैनात पड़ोसी देशों के जवान भी उन्हें सुन सकें।
दक्षिण कोरिया ने बताया कि उसने अपने हिस्से के लाउडस्पीकर सोमवार की सुबह बंद कर दिए। वजह बताते हुए उत्तर कोरिया ने कहा कि इससे बातचीत के लिए सही माहौल बनाने में मदद मिलेगी। दक्षिण कोरिया के प्रवक्ता चोइ होइ-युन ने कहा, "इस कदम का मकसद दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव कम करना और बातचीत के लिए शांतिपूर्ण माहौल बनाना है।
हमें उम्मीद है कि इस फैसले के बाद दोनों कोरियाई देश एक-दूसरे की आलोचना और प्रोपेगैंडा फैलाना बंद कर देंगे। साथ ही शांति कायम करने और नई शुरुआत करने में योगदान करेंगे।" ये साफ नहीं है कि उत्तर कोरिया भी पड़ोसी देश की लीक पर चलते हुए अपने हिस्से से होने वाले प्रचार बंद कर देगा या दक्षिण कोरिया की आलोचना करने वाली खबरें प्रचारित करना जारी रखेगा या नहीं।
ऑन-ऑफ होते रहे हैं लाउडस्पीकर
ये पहली बार नहीं है जब दक्षिण कोरिया ने अपनी ओर से किए जा रहे प्रोपेगैंडा पर रोक लगाई है। कोरियाई युद्ध के बाद से चले आ रहे इस प्रोपेगैंडा का मकसद दूसरे कोरियाई देश के जवानों और लोगों को ये बताना है कि उनका देश उन्हें गुमराह कर रहा है। 2004 में भी दोनों देशों के बीच समझौता होने के बाद ऐसे प्रचार पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन 2015 में दक्षिण कोरिया के दो जवान उत्तर कोरियाई बारूदी सुरंग की चपेट में आकर मर गए जिसके बाद दक्षिण कोरिया ने लाउडस्पीकर वापस चालू कर दिए। उसी साल एक बार फिर इन पर रोक लगाई गई, लेकिन 2016 में उत्तर कोरिया के एक हाइड्रोजन बम का परीक्षण करने के बाद उन्हें फिर शुरू कर दिया गया। इस बार भी दक्षिण कोरिया ने साफ नहीं किया है कि इस मुलाकात के बाद लाउडस्पीकर वापस चालू कर दिए जाएंगे या नहीं।
थोड़ा बदला है सूरते हाल?
हाल ही में उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु परीक्षणों पर रोक लगाने और एक परीक्षण केंद्र बंद करने का एलान किया था। इसे किम जोंग-उन की दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ होने वाली बैठकों से जोड़कर देखा जा रहा है। किम जोंग-उन इस शुक्रवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन से मिलने वाले हैं। पनमुनजोम के शांति गांव में होने वाली ये मुलाकात दोनों देशों के बीच एक दशक से भी ज्यादा समय में होने वाली पहली मुलाकात होगी। साथ ही जून में किम के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने की भी संभावना है। दोनों नेताओं के बीच ये पहली मुलाकात होगी।