सेक्स वर्कर्स को 12 घंटे धंधा करने की इजाजत
- अब तयशुदा घंटों में सेक्स वर्कर्स बेरोक-टोक अपना
काम कर सकती हैं।
- पुलिस और महिला यौनकर्मियों के बीच अब विश्वास बना है।
काम कर सकती हैं।
विस्तार
ब्रिटेन के लीड्स का होलबेक इलाका कानूनी रूप से पहला 'रेड लाइट एरिया' बन गया है। होलबेक में अब तयशुदा घंटों में सेक्स वर्कर्स बेरोक-टोक अपना
काम कर सकती हैं। इस क़दम को देह व्यापार को नियंत्रित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
ब्रिटेन में देह व्यापार गैरक़ानूनी नहीं है, लेकिन सार्वजनिक जगहों पर देह व्यापार गैरकानूनी है। लेकिन अब शाम 7 बजे से सुबह के 7 बजे तक रोक-टोक नहीं होगी। पुलिस का कहना है कि ऐसा होने के बाद अब सेक्स वर्कर संबंधित अधिकारियों से सीधे मिल सकेंगी और अपने साथ हुए अपराध की जानकारी दे सकेंगी।
सेफर लीड्स पुलिस और काउंसिल की साझा संस्था है। संस्था का कहना है कि पहले पुलिस का दबाव कारगर नहीं हुआ इसलिए ये कदम उठाया गया है। 29 साल की चेल्सी, बदला हुआ नाम, पांच साल से यौनकर्मी हैं। वे बताती हैं कि ये बहुत जोख़िम भरा काम है। वे कहती हैं, "आप नहीं जानते कि किस तरह के इंसान से आपका सामना होने वाला है।
देह व्यापार एक जुआ है। आखिर में या तो मौत मिलेगी या जिंदगी।" इस इलाके में 40 महिलाएं नियमित रूप से सक्रिय हैं। चेल्सी का मानना है कि ये इलाका
पिछले साल के अक्तूबर में शुरू होने के बाद से काफी बदल गया है।
चेल्सी कहती हैं, "अब मैं बेहद सतर्क रहती हूं। हम सब साथ मिलकर काम कर रहे हैं। वे हमें समय दे रहे हैं और हमें उसका पालन करना है। यदि आप इसमें गड़बड़ी करती हैं तो जिम्मेदार आप होंगी।"
पुलिस और महिला यौनकर्मियों के बीच अब विश्वास बना
एक चैरिटी संस्था की वर्कर एमिली इस रेड लाइट एरिया में नियमित तौर पर आती हैं और महिलाओं का हालचाल लेती हैं। उन्हें चाय-कॉफी और कंडोम भी उपलब्ध कराती हैं। एमिली बताती हैं, "यदि हमारे पास एक व्यवस्थित इलाका होगा तो हम जान सकेंगे कि लोग कहां हैं।
वहां पुलिस की मौजूदगी होगी और गलियां पहले से साफ होंगी।" कहा जा रहा है कि ऐसा होने के बाद से यौनकर्मियों को पुलिस, काउंसिल और चैरिटी का सहयोग मिल रहा है। इससे उनकी सुरक्षा अधिक मजबूत हुई है। दरअसल चेल्सी पर दो साल पहले तब गंभीर हमला हुआ था जब वे गर्भवती थीं। उन्हें पीटा गया और उनके साथ रेप हुआ था।
इसी तरह दिसंबर में 21 साल की यौनकर्मी डारिया पियोंको घायल पाई गई थीं, जिनकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। डारिया की मौत के बाद
महसूस किया गया कि एक ऐसे इलाके की जरूरत है जहां वे बिना पुलिस के भय के काम कर सकें और अपने साथ होने वाली किसी हिंसा की रपट लिखा सकें।
एक आंकड़े के अनुसार महिला यौनकर्मी अब अपने साथ होने वाले अपराध की रिपोर्टिंग पहले से अधिक कर रही हैं। सेक्स वर्कर्स के लिए काम करने वाली संस्था 'नेशनल अग्ली मग्स' के मुताबिक ये आंकड़ा 26 से बढ़कर 51 फीसदी हो गया है। वे कहती हैं, "एक व्यवस्थित इलाका होने से पुलिस और महिला यौनकर्मियों के बीच अब विश्वास बना है। लड़कियां आगे आ रही हैं, ग्राहक आगे आ रहे हैं।"