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‘एस-400 सिस्टम पर किसी भी समय हो सकता है समझौता’
एजेंसी / मॉस्को
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:25 AM IST
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एस-400 सिस्टम
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भारत और रूस के बीच रूसी एस-400 ट्राइम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के बिक्री पर जल्द ही समझौता हो सकता है। एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में दोनों देशों के बीच चर्चा पर ‘बहुत ही गहन स्तर’ पर पहुंच चुकी है। रूस की सरकारी रक्षा एवं औद्योगिक समूह रोस्टेक के अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं क्षेत्रीय नीति निदेशक विक्टर एन क्लादोव के अनुसार इस समाय इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है।
इसमें चर्चा हुई है कि भारत कितनी संख्या में एस-400 ट्राइम्फ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदेगा। यह पूछे जाने पर कि सौदे को लेकर अनुबंध पर कब तक हस्ताक्षर होंगे पर क्लादेव ने कहा, ‘जितनी जल्दी वह अनुबंध के लिए दस्तावेज तैयार कर लेंगे उतनी ही जल्दी इस पर हस्ताक्षर कर लिए जाएंगे।’ क्लादेव ने कहा मैं आपको समय के बारे में नहीं बता सकता हूं लेकिन आने वाले दिनों में किसी भी समय यह हो सकता है।
पढ़ें- रूसी संसद ने अमेरिकी मीडिया को घोषित किया ‘विदेशी एजेंट’, लगाया बैन
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उन्होंने कहा कि कई तरह के तकनीकी मुद्दों पर बातचीत हो रही है। दोनों देशों की टीमें बातचीत में काफी मेहनत कर रही हैं। यह अति आधुनिक प्रणाली है, इसमें कई तकनीकी मुद्दों को देखा जाना है। इसमें कीमत, प्रशिक्षण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित करने सहित कई मुद्दे शामिल हैं। भारत ने पिछले साल अक्तूबर में रूस के साथ पांच अरब डॉलर के ट्राइम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के बारे में घोषणा की थी।
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इसमें चर्चा हुई है कि भारत कितनी संख्या में एस-400 ट्राइम्फ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदेगा। यह पूछे जाने पर कि सौदे को लेकर अनुबंध पर कब तक हस्ताक्षर होंगे पर क्लादेव ने कहा, ‘जितनी जल्दी वह अनुबंध के लिए दस्तावेज तैयार कर लेंगे उतनी ही जल्दी इस पर हस्ताक्षर कर लिए जाएंगे।’ क्लादेव ने कहा मैं आपको समय के बारे में नहीं बता सकता हूं लेकिन आने वाले दिनों में किसी भी समय यह हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि कई तरह के तकनीकी मुद्दों पर बातचीत हो रही है। दोनों देशों की टीमें बातचीत में काफी मेहनत कर रही हैं। यह अति आधुनिक प्रणाली है, इसमें कई तकनीकी मुद्दों को देखा जाना है। इसमें कीमत, प्रशिक्षण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित करने सहित कई मुद्दे शामिल हैं। भारत ने पिछले साल अक्तूबर में रूस के साथ पांच अरब डॉलर के ट्राइम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के बारे में घोषणा की थी।