सीरिया में हमले के बाद आमने सामने आए रूस-अमेरिका, टकराव के हालात
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सीरिया में बच्चों पर रासायनिक हमले के बाद अमेरिका ने शुक्रवार तड़के भूमध्यसागर में तैनात अपने दो जंगी पोतों से सीरियाई एयरबेस पर 60 टॉमहॉक क्रूज मिसाइल दागीं। इस हमले से सीरिया का सहयोगी रूस भड़क उठा है।
रूस ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए अपने एक जंगी पोत को सीरिया की मदद के लिए भेज दिया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के मिसाइल हमले को अवैध कृत्य बताया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों को सही कदम बताया है।
अमेरिका और रूस में तनातनी के साथ ही उनके समर्थक देश भी आमने सामने आते दिख रहे हैं। जहां रूस, ईरान, इराक, वेनेजुएला और अल्जीरिया सीरिया के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं। वहीं, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इस्राइल, जापान, सऊदी अरब और तुर्की ने अमेरिकी मिसाइल हमले को सही ठहराया है।
इस हमले के मद्देनजर शनिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होगी। आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग रूस की ओर से की गई है। सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के कार्यालय ने अमेरिका के मिसाइल हमले को ‘मूर्खतापूर्ण और गैरजिम्मेदाराना’ करार दिया है।
वहीं इस मुद्दे को लेकर दुनिया की दो बड़ी महाशक्ति रूस और अमेरिका आमने सामने आ गए हैं। रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि अमेरिका की इस हरकत से दोनों देश एक दूसरे के सामने खड़े हैं और टकराव से कुछ इंच दूर हैं। वहीं रूस ने अमेरिका के साथ अपनी हॉटलाइन संपर्क भी काट लिया है।
आज होगी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक
सीरिया में अमेरिका की ओर से किए गए क्रूज मिसाइल हमले के मु्ददे पर चर्चा के लिए शनिवार को दोपहर 11:30 बजे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होगी। अमेरिकी राजनयिक ने बताया कि हमले के मुद्दे पर आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग रूस की ओर से की गई है। रूस अमेरिकी हमले के खिलाफ है और उसने ‘एक संप्रभु राष्ट्र’ पर हुए हमले की निंदा की है। सीरिया द्वारा विद्रोहियों के इलाके में रासायनिक हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर क्रूज मिसाइल हमले का आदेश दिया था।
रिपोर्टों के अनुसार, रासायनिक हमले के एक दिन बाद भी खान शेखुन में हमले जारी हैं। इससे पहले मंगलवार को किए गए रासायनिक हमलों के लिए ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति बशर असद की सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि असद के संरक्षक रूस और ईरान इन मौतों की नैतिक जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं। वहीं दमिश्क और मॉस्को ने इस हमले में अपनी भूमिका होने से साफ इंकार कर दिया है।
रूसी रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया कि जब सीरियाई हवाई हमले मेें एक विद्रोही शस्त्रागार को ध्वस्त कर दिया तभी रासायनिक गैसों का रिसाव हो गया जो वहां पर रखे गए थे। यूएन में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के प्रस्ताव का विरोध करते रूस की विदेश मंत्रालय प्रवक्ता मारिया जोखरोवा ने कहा कि यूएन में पेश किया गया प्रस्ताव पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
उन्होंने इसे सीरिया विरोधी बताते हुए कहा कि यह बिना किसी जांच के निर्णय देने के समान है और हमले के तुरंत बाद दोषी ठहराने की मानसिकता दिखाता है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हमले के मद्देनजर बुधवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई जिसमें ब्रसेल्स में ‘कांफ्रेंस ऑन दि फ्यूचर ऑफ सीरिया एंड दि रिजन’ विषय पर चर्चा के लिए 70 देशों के अधिकारी शामिल हुए।
ब्रिटिश विदेश सचिव बोरिस जॉनसन ने कहा कि इस हमले के बाद अभी तक मिले सबूतों के आधार पर मैं कह सकता हूं कि असद शासन ने अंजाम दिया है। असद ने अपने ही लोगों पर जानबूझकर इस प्रतिबंधित हथियार का प्रयोग किया है।