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जीका के कारण 'नहीं रद्द होगा रियो ओलंपिक'

Tue, 02 Feb 2016 04:25 PM IST
Updated Tue, 02 Feb 2016 04:25 PM IST
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Rio olympic will go on inspite of Zika outbreak

जीका वायरस का संक्रमण झेल रहे ब्राजील ने कहा है कि इसकी वजह से रियो ओलंपिक रद्द नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक बीमारी से खिलाड़ियों और दर्शकों को कोई खतरा नहीं है। ये आयोजन अगस्त में होने जा रहा है।

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न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक राष्ट्रपति जिल्मा रुसेफ ने कहा है कि मैं ब्राजील आने वाले सभी लोगों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि गर्भवती महिलाओं को छोड़कर अन्य किसी को इस वायरस से किसी तरह का खतरा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जीका वायरस के संक्रमण को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
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संगठन ने कहा है कि इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें तेज करनी होंगी। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए जिनेवा में संगठन की एक आपात बैठक हुई। संगठन के अधिकारियों का कहना है कि जीका वायरस तेजी से फैल रहा है। खतरा है कि उत्तर और दक्षिण अमरीकी महाद्वीपों में इस साल इसके 40 लाख मामले सामने आ सकते हैं। दक्षिणी अमरीका के कुछ देशों में जीका वायरस का खतरा बढ़ता जा रहा है।
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मच्छरों से इंसानों में फैलता है जीका

Rio olympic will go on inspite of Zika outbreak

ये वायरस मच्छरों से इंसानों में फैलता है। अधिकतर मामलों में इस संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं देंगे, लेकिन इसका असर बच्चों के दिमाग पर पड़ सकता है। ब्राजील में दिमागी रूप से कमजोर हजारों बच्चों का जन्म हुआ है, जिसे जीका वायरस के असर से जोड़कर देखा जा रहा है।

जीका वायरस के कारण अगस्त में होने वाले रियो ओलंपिक को लेकर कई तरह के सवाल पैदा हो रहे थे। लेकिन इस बीच, ब्राजील की राष्ट्रपति ने रोग निरोधक अधिकारियों को उन जगहों में घुसने की इजाजत दे दी है जो मच्छरों के पैदा होने में मददगार हो सकती हैं। हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने के बाद प्रयोगशालाओं में भी इस वायरस से लड़ने की काम में तेजी लाई जाएगी।

बताया गया है कि जीका वायरस को खत्म करने के लिए वैक्सिन तैयार करने में दो साल लग सकते हैं, जबकि दुनिया के कोने-कोने में इसे उपलब्ध होने में एक दशक जितना समय भी लग सकता है। ब्राजील में इस वायरस के फैलने से लोगों में दहशत है। यहां इससे हजारों लोग संक्रमित हो चुके हैं। यहां से ये वायरस करीब 20 अन्य देशों में पहुंच चुका है।

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