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हाथी होते हैं सामाजिक और गैंडे रोमांटिक?

बीबीसी हिंदी Updated Thu, 27 Dec 2012 08:15 PM IST
rhinos and elephants secret lives of africa giants
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गैंडों के रात्रि-प्रेमालाप के बारे में कौन जानता था, शायद कोई नहीं क्योंकि इससे पहले गैंडे के इस प्रेमालाप के बारे में कुछ कहा सुना ही नहीं गया था।
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लेकिन वैज्ञानिकों की एक टीम जब इनकी रहस्यमयी जीवन-शैली टटोलने निकली तो उन्हें कुछ अजीबो-गरीब दृश्य देखने को मिले। वैज्ञानकों के लिए ये मिशन आश्चर्य से भरा और अदभुत था क्योंकि इसमें कई ऐसे नए सत्य सामने दिखे जो हैरान करते हैं।

आमतौर पर अलग-थलग जीवन-शैली को अपनाने वाले गैंडों को पहली बार कैमरे के सामने प्रेम करते हुए पाया गया। वहीं हाथियों का कुछ ऐसा स्वभाव देखा गया जिसने वैज्ञानिकों को दंग कर दिया।

हाथियों का अलग संसार
हाथियों के बारे में एक अन्य जानकारी भी सामने आई है वो है इनके शरीर पर उगे हुए बालों की उपयोगिता। हाथियों के शरीर पर भी इंसानों की तरह छोटे-छोटे बाल होते हैं और ये बाल उनके शरीर के तापमान को नियंत्रित करते हैं।

हाथियों के शरीर पर छोटे-छोटे बाल बड़े करीने से उगे होते हैं। ऐसा या तो इंसानों में होता है या फिर सील नाम की मछली में। 'प्लस वन' की तरफ से किए गए हाल के एक अध्ययन में ये बातें सामने आई हैं कि भारी-भरकम इस जीव के लिए छोटे बाल वरदान की तरह होते हैं।

हाथियों के शरीर का आकार इतना बड़ा होता है कि उन्हें अपने शरीर के तापमान का संतुलन बनाए रखने के लिए खासी जेहमत उठानी होती है। खासतौर से दक्षिण अफ्रीकी हाथियों को जब ऊंचे तापमान से गुजरना होता है तो उनके ये बाल बड़े काम के साबित होते हैं।

कमाल के कान
हाथियों को जब सबसे ज्यादा ठंडा रहने की जरूरत महसूस होती है तो उनके शरीर के बाल उन्हें पांच फीसदी तक राहत देते हैं। अगर हवाओं की रफ्तार धीमी हो तो इनके बाल इन्हें 20 फीसदी से ज्यादा तापमान घटाने में मदद करता है।

अफ्रीकी हाथियों के कान उन्हें ठंडक प्रदान करते हैं जबकि एशियाई हाथी अपनी सूंड़ से शरीर के तापमान को कम करते हैं। अमेरिका के नेवादा रेनो यूनिवर्सिटी के गरी हेयनस का ये अध्ययन 'जियोमार्फोलॉजी' नामक पत्रिका में छपा है।

अफ्रीकी हाथी जितने सामाजिक होते हैं, उतने ही गुस्से वाले और डरपोक स्वभाव के भी। सितंबर माह में वैज्ञानिकों की तरफ से किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि कुछ हाथियों में नेतृत्व करने का गुण भी होता हैं और वे दूसरे हाथियों को नियंत्रित रखने में सक्षम भी होते हैं।

हाथी और गैंडों की जीवनशैली
इसी महीने चेक गणराज्य में गैंडों पर एक अध्ययन किया गया और इनकी भी कुछ अजीबो-गरीब आदतें देखने को मिलीं। वैज्ञानिकों ने देखा कि जब एक समूह से मादा गैंडा चली गई तो फिर दूसरे समूह के गैंडे उस समूह में हिल-मिल गए और धमा-चौकड़ी मचाने लगे।

गैंडे और हाथियों में एक बात बड़ी आम है कि ये दोनों ही जीव मानसिक तौर पर सामाजिक होते हैं और सामाजिकता निभाते भी हैं। दुनियाभर में अब पांच किस्म के गैंडे पाए जाते हैं जिनमें सफेद, काले भारतीय के अलावा जावा और सुमात्रा के गैंडे शामिल हैं।

ये जानवर किसी जानवर की मौत या बीमारी पर कैसा व्यवहार करते हैं, इस विषय पर जब अध्ययन किया गया तो कुछ बड़े ही मार्मिक उदाहरण देखने को मिले। कीनिया की राजधानी नैरोबी के डगलस हैमिल्टन ने एक ऐसे ही मार्मिक उदाहरण का जिक्र किया है।

हाथियों का एक समूह जब एक बूढ़ी हथिनी को मरा हुआ समझ छोड़कर चला गया और वो उठने का प्रयास कर रही थी तो एक अन्य समूह की बूढ़ी हथिनी ने अपने सूंड़ से लगातार उसे उठाने का प्रयास किया।

वैज्ञानिक इस व्यवहार को करुणापूर्ण व्यवहार की संज्ञा देते हैं और इस तरह के कई व्यवहार कैमरे में भी कैद कैद किए गए हैं। काले गैंडों के भी इसी तरह के स्वभाव को फिल्माया गया।

रोमांस
इन जानवरों पर डॉक्यूमेंट्री बनाने वालों ने पहली बार देखा कि अपने सामान्य एकांत जीवन शैली से हटकर काले गैंडे पानी के एक गढ्ढे के पास आधी रात्रि को जमा हुए।

शूटिंग के दौरान गैंडे आपस मे हिलते-मिलते दिखाई दिए। दो गैंडे एक मादा गैंडे को रिझाते भी नजर आए। गैंडों के रात्रि-मिलन के बारे में अभी तक कहीं कोई जानकारी नहीं थी और पहली बार किसी कैमरे ने गैंडों के प्रेमालाप को कैद किया है।

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