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पाक: बलूचिस्तान धमाकों के बाद संसदीय पैनल ने गृह मंत्रालय से तलब की रिपोर्ट, 23 की हुई थी मौत
Sun, 14 Apr 2019 01:55 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, कराची
एजेंसी, कराची
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 14 Apr 2019 01:55 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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बलूचिस्तान में शिया समुदाय पर हुए दो हमलों के बाद पाकिस्तान की संसदीय पैनल ने शनिवार को गृह मंत्रालय से आतंकी संगठनों और प्रतिबंधित संगठनों पर की गई कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट तलब की है। बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में हजारगंज की फल व सब्जी मार्केट में आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। इस हमले में 21 लोग मारे गए थे, जबकि 60 से ज्यादा घायल हुए थे।
मरने वालों में से ज्यादातर हजारा थे। वहीं, दूसरा हमला शाम को चमन सिटी में हुआ, जहां आतंकियों ने मोटरसाइकिल में आईईडी धमाका किया था। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा घायल हुए थे। क्वेटा में हुए हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली थी, जबकि दूसरे हमले में लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया गया था।
संसदीय पैनल बलूचिस्तान में हाल ही में रिहा किए गए प्रतिबंधित समूहों के लोगों की रिपोर्ट भी मांगी है। पैनल के अध्यक्ष सांसद रहमान मलिक ने कहा कि धमाकों में बाहरी ताकतों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इस तरह के धमाकों के जरिये देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और अस्थिर करने के लिए अंजाम दिया गया है।
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मरने वालों में से ज्यादातर हजारा थे। वहीं, दूसरा हमला शाम को चमन सिटी में हुआ, जहां आतंकियों ने मोटरसाइकिल में आईईडी धमाका किया था। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा घायल हुए थे। क्वेटा में हुए हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली थी, जबकि दूसरे हमले में लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया गया था।
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संसदीय पैनल बलूचिस्तान में हाल ही में रिहा किए गए प्रतिबंधित समूहों के लोगों की रिपोर्ट भी मांगी है। पैनल के अध्यक्ष सांसद रहमान मलिक ने कहा कि धमाकों में बाहरी ताकतों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इस तरह के धमाकों के जरिये देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और अस्थिर करने के लिए अंजाम दिया गया है।
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