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रूस-अमेरिका के रिश्तों को लेकर पुतिन और ट्रंप के बीच फोन पर हुई बात

Tue, 15 Nov 2016 11:27 PM IST
 टाइम्स न्यूज सर्विस/ न्यूयॉर्क
 टाइम्स न्यूज सर्विस/ न्यूयॉर्क Updated Tue, 15 Nov 2016 11:27 PM IST
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Putin-trump the phone conversation, improve relationships
ट्रंप और पुतिन

दुनिया में रूस और अमेरिका शुरू से ही एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं, लेकिन ट्रंप की जीत के बाद एक नई ऐतिहासिक पहल के तहत रूस और अमेरिका इस बात पर नए सिरे से विचार करेंगे कि दोनों देशों के बीच खराब संबंधों के पीछे क्या कारण जिम्मेदार रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के अगले राष्ट्रपति के बीच पहली बार होने वाली टेलीफोन बातचीत में दोनों नेताओं ने इस पर सहमति जताई। रूस की संसद (क्रेमलिन) ने एक बयान में उक्त जानकारी देते हुए कहा कि अधिकारी दोनों नेताओं की बीच व्यक्तिगत बैठक आयोजित करने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।

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क्रेमलिन के मुताबिक ट्रंप और पुतिन ने दोनों देशों के बीच असंतोषजनक संबंधों पर बातचीत करते हुए रूस-अमेरिका संबंधों को सामान्य करने व एक-दूसरे को संभावित मुद्दों पर सहयोग के लिए संयुक्त प्रयासों का समर्थन किया। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, आर्थिक समझौतों और आतंकवाद रोकने को लेकर बातचीत हुई। पिछले बुधवार को अमेरिकी चुनाव परिणामों में ट्रंप की बढ़त का समाचार मिलने के एक घंटे के  भीतर पुतिन ने टेलीग्राम पर उन्हें दुनिया में सबसे पहले बधाई दी थी। पुतिन ने एक बार फिर ट्रंप को फोन पर बधाई दी।
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क्रेमलिन द्वारा जारी बयान के मुताबिक दोनों नेताओं ने सीरिया में साथ मिलकर काम करने को लेकर भी चर्चा की ताकि दोनों के एक ही शत्रु के रूप में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इस मुद्दे पर दोनों के बीच सहमति भी बनीं। रूसी संसद ने एक दूसरे के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने पर भी सहमति जताई और समानता व आपसी सम्मान के आधार पर नए प्रशासन के साथ साझेदारी पर बातचीत की। दूसरी तरफ, ट्रंप ने पुतिन से कहा कि वह रूस व रूस के लोगों के साथ मजबूत व स्थायी संबंध बनाने के इच्छुक हैं।

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ओबामा की ट्रंप को व्यवहार में बदलाव लाने की नसीहत 

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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पद से बाहर होने से पूर्व कहा कि ट्रंप के व्यवहार की कुछ बातें अगले राष्ट्रपति के लिए अच्छी नहीं रहेंगी। उन्होंने ट्रंप को नसीहत देते हुए कहा कि चुनाव प्रचार और सत्ता में रहकर काम करना अलग-अलग बातें हैं। ओबामा के मुताबिक उम्मीदवारी के दौरान गलत या विवादित बात का उतना असर नहीं पड़ता जितना राष्ट्रपति होने के दौरान पड़ता है।

राष्ट्रपति की हर बात पर लोग ध्यान दे रहे होते हैं, उनकी किसी भी बात से बाजार तक हिल जाते हैं। ओबामा ने कहा कि नव निर्वाचित राष्ट्रपति अगर अपने स्वभाव की कुछ बातों को पहचानकर ठीक नहीं करते हैं तो यह उनके लिए अच्छा साबित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मुझे चिंता इस बात की है कि ट्रंप बहुत से मुद्दों पर अलग राय रखते हैं, लेकिन हमारा लोकतंत्र कोई छोटी नौका नहीं बल्कि एक जहाज है।

ओबामा ने कहा कि जब मैने पद संभाला था तब मैंने भी यही पाया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मैं समझता हूं कि जब भी इतने कड़वे चुनाव के बाद लोग दूसरी पार्टी के उम्मीदवार को राष्ट्रपति चुनते हैं तो लोगों को नई सच्चाई से तालमेल बिठाने में कुछ समय लगता है।

ओबामा ने पेरिस और ईरान समझौते पर ट्रंप को चेताया

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राष्ट्रपति बराक ओबामा - फोटो : gettyimages

वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने उत्तराधिकारी डोनाल्ड ट्रंप को अंतरराष्ट्रीय फैसलों के उलट-पुलट करने के खिलाफ चेताया है। इनमें ईरान आणविक समझौता और पेरिस जलवायु समझौते प्रमुख रूप से शामिल हैं। ओबामा ने कहा कि ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर करने में काफी मेहनत लगती है। ये सभी फैसले महान समझौते रहे हैं।

55 वर्षीय ओबामा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईरान समझौता होने से पहले इसके गुण-दोषों के बारे में काफी जोरदार बहस हुई थी। उन्होंने ईरान समझौते पर गर्व करते हुए कहा कि जिस प्रकार से इसे हमारे प्रशासन ने इसे तैयार किया है उसमें अमेरिकी संसद को पर्याप्त संख्या में सांसदों को इसके लिए राजी किया गया था।

इसी प्रकार अंतरराष्ट्रीय पेरिस जलवायु समझौते से पहले इसकी हर संभावनाओं पर बारीकी से बातचीत की गई थी। अब तक 200 देश इस पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का मतलब सिर्फ अमेरिका नहीं जहां पर 30 करोड़ लोगों के लिए यह खतरा बना हुआ है बल्कि भारत में 1 अरब और चीन में 1 अरब लोग भी इससे जूझ रहे हैं। ऐसे में जब ये देश हमारी ही नीतियों को मान रहे हैं तब अमेरिका की जिम्मेदारी और ज्यादा हो जाती है।

ट्रंप ने बच्चों के लिए मांगी उच्च स्तरीय सुरक्षा जांच  

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डोनल्ड ट्रंप

अमेरिका के अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने तीनों बच्चों के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा जांच की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे आगामी प्रशासन में हितों का टकराव हो सकता है।

सीबीएस न्यूज और सीएनएन के समाचारों में बताया गया है कि ट्रंप की टीम ने व्हाइट हाउस से उनके तीनों बच्चों एरिक ट्रंप, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और बेटी इवांका ट्रंप व उसके पति जेरेड कुश्नेर के लिए उच्च सुरक्षा जांच की संभावनाएं तलाशने को कहा है।

तार्किक रूप से देखें तो व्हाइट हाउस को यह उच्च सुरक्षा जांच दिलाने के लिए उनके पिता को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का दर्जा दिए जाने की जरूरत होगी। बहरहाल, ट्रंप के राष्ट्रपति बन जाने के बाद वह स्वयं इस बारे में अनुरोध कर पाएंगे। सीएनएन ने कहा कि उच्च स्तरीय सुरक्षा जांच से गोपनीय जानकारी और उनके कारोबारी हितों में टकराव की आशंका है।

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