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कौशाम्बी से गठबंधन के ‘मोती’ बिखरने के आसार
Sun, 02 Jun 2019 12:45 AM IST
विनोद सिंह
कौशाम्बी
कौशाम्बी
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 02 Jun 2019 12:45 AM IST
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सपा
- फोटो : amar ujala
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लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार हुई समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक में हार की टीस दिखी। चुनाव में मिली पराजय का ठीकरा कार्यकर्ताओं ने बसपा नेता व पार्टी के प्रति समर्पित वोटरों पर फोड़ा। कहा गया कि बसपा नेताओं ने जानबूझ कर चुनाव हराया है। सपा के स्थानीय सूत्रों की मानें तो इसकी रिपोर्ट भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजी जाएगी।
सपा जिलाध्यक्ष खड़ग सिंह पटेल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक काफी गहमागहमी भरी रही। जिलाध्यक्ष ने सबसे पहले सपा के लिए समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में मिली पराजय से हताश होने की जरूरत नहीं है। जनहित के कार्यो को लेकर पार्टी संघर्ष करेगी। सरकार की जनविरोधी नीतियों की भी मुखालफत किया जाएगा। सपा से जुड़े सूत्रों की मानें तो बैठक में सबसे अहम मुद्दा चुनाव के दौरान बसपा नेताओं के दूरी बनाने का था। कहा गया कि बसपा के स्थानीय नेताओं ने पार्टी प्रत्याशी को जिताने में कोई सहयोग नहीं किया। बल्कि पार्टी के वोट को भाजपा की तरफ मोड़ने का काम किया। इसके कारण पार्टी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। वह लोग इसकी रिपोर्ट भी सपा मुखिया अखिलेश यादव से करेंगे। बैठक में जिला महासचिव अनवार अहमद, भानु प्रताप सिंह, चंद्रबली सिंह पटेल, कैलाश केसरवानी, राजकुमार पासी, रवींद्र सिंह, दयाशंकर यादव, रामलखन भारतीय, मानसिंह पटेल, रईश अहमद, राजेश यादव, इंद्रेश यादव, अमित पासी, शिव मूरत यादव, अमर सिंह यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
सपा जिलाध्यक्ष खड़ग सिंह पटेल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक काफी गहमागहमी भरी रही। जिलाध्यक्ष ने सबसे पहले सपा के लिए समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में मिली पराजय से हताश होने की जरूरत नहीं है। जनहित के कार्यो को लेकर पार्टी संघर्ष करेगी। सरकार की जनविरोधी नीतियों की भी मुखालफत किया जाएगा। सपा से जुड़े सूत्रों की मानें तो बैठक में सबसे अहम मुद्दा चुनाव के दौरान बसपा नेताओं के दूरी बनाने का था। कहा गया कि बसपा के स्थानीय नेताओं ने पार्टी प्रत्याशी को जिताने में कोई सहयोग नहीं किया। बल्कि पार्टी के वोट को भाजपा की तरफ मोड़ने का काम किया। इसके कारण पार्टी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। वह लोग इसकी रिपोर्ट भी सपा मुखिया अखिलेश यादव से करेंगे। बैठक में जिला महासचिव अनवार अहमद, भानु प्रताप सिंह, चंद्रबली सिंह पटेल, कैलाश केसरवानी, राजकुमार पासी, रवींद्र सिंह, दयाशंकर यादव, रामलखन भारतीय, मानसिंह पटेल, रईश अहमद, राजेश यादव, इंद्रेश यादव, अमित पासी, शिव मूरत यादव, अमर सिंह यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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