पोप ने दलाई लामा से मिलने से मना किया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोप फ्रांसिस ने तिब्बत के निर्वासित आध्यात्मिक नेता दलाई लामा से निजी मुलाकात करने से मना कर दिया है।
वेटिकन ने चीन के साथ 'नाजुक स्थिति' को इसकी वजह बताया है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं से मिलने रोम पहुंचे दलाई लामा ने पोप फ्रांसिस से मुलाक़ात की इच्छा जताई थी।
दलाई लामा ने कहा है कि पोप फ्रांसिस के मना करने से उन्हें निराशा हुई है लेकिन वे किसी असुविधा की वजह नहीं बनना चाहते हैं।
दलाई लामा का नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफजई से दक्षिण अफ्रीका में मुलाकात का कार्यक्रम था। लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने दलाई लामा को वीजा देने से मना कर दिया। इसके बाद मुलाकात के लिए रोम को चुना गया।
चीन से संबंध सुधारने की कवायद
किसी पोप और दलाई लामा के बीच आखिरी मुलाकात वर्ष 2006 में हुई थी। तब पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने दलाई लामा से भेंट की थी।
वेटिकन चीन के साथ अपने संबंधों को सुधारना चाहता है जहां रोमन कैथोलिक समुदाय दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक हिस्से को आधिकारिक तौर पर मान्यता मिली हुई है जो कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति जबावदेह है।
चीन में रोमन कैथोलिक समुदाय का दूसरा हिस्सा भूमिगत संगठन की शक्ल में है जो केवल पोप के प्रति वफादार है। चीन दलाई लामा को एक अलगाववादी नेता के तौर पर देखता है और किसी विदेशी नेता से उनकी मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रिया देता रहा है।
दलाई लामा को वर्ष 1959 में भागकर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। तब चीनी सैनिकों ने तिब्बत में विरोध के स्वरों को दबा दिया था।