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म्यांमार: स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से मिले पीएम मोदी, रोहिंग्या मुसलमानों पर हो सकती है चर्चा
एजेंसी/ ने पी ताव
Updated Wed, 06 Sep 2017 09:22 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि म्यांमार के राष्ट्रपति हिन क्याव से मुलाकात काफी सुखद रही। दोनों पड़ोसियों के बीच ऐतिहासिक रिश्ते को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। मोदी बुधवार को आंग सान सू की से द्विपक्षीय मुद्दों सहित भारत में अवैध ढंग से रह रहे 40000 रोहिंग्या मुसलमानों पर भी चर्चा करेंगे।
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40000 रोहिंग्या मुसलमानों पर भी चर्चा
मोदी द्विपक्षीय यात्रा पर पहली बार म्यांमार पहुंचे और तुरंत वहां के राष्ट्रपति से मुलाकात की। उन्होंने ट्विटर के जरिये मुलाकात की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को वहां की वास्तविक नेता आंग सान सूकी से द्विपक्षीय मुद्दों सहित भारत में कथित अवैध ढंग से रह रहे 40000 रोहिंग्या मुसलमानों पर भी चर्चा करेंगे।
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दरअसल भारत सरकार के लिए अवैध रोहिंग्या मुसलमान एक चिंता का कारण हैं और सरकार उन्हें वापस भेजना चाहती है। अपने दौरे से पहले मोदी ने कहा कि भारत और म्यांमार मौजूदा सुरक्षा और काउंटर टेररिज्म के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करेंगे।
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पढ़ें- आतंकवाद पर चीन को घेरने के बाद म्यांमार पहुंचे PM मोदी, जोरदार स्वागत
इससे पहले मोदी 2014 में आसियान बैठक में हिस्सा लेने म्यांमार आए थे। म्यांमार से भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों की 1640 किलोमीटर की सीमा लगती है और सामरिक दृष्टि से यह काफी संवेदनशील है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति हिन क्याव को सालवीन नदी का 1841 का एक मानचित्र और एक बोधि वृक्ष भेंट किए। मोदी चीन में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद सीधे म्यांमार पहुंचे। दोनों नेताओं ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया।
शरणार्थियों से बर्ताव पर हमें कोई न सिखाए : रिजिजू
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या पर कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि दुनिया में जितने भी शरणार्थी हैं, उनका एक बड़ा हिस्सा भारत में है और इसलिए हमें शरणार्थियों के बारे में कोई नसीहत नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि वह विश्व समुदाय को बताना चाहते हैं कि रोहिंग्या संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के तहत पंजीकृत हों या न हों, लेकिन भारत में वह अवैध शरणार्थी हैं। उन्हें भारत से जाना ही पड़ेगा।